बुधवार को भी सुबह भगवान का शृंगार होगा। मंगला आरती के बाद दर्शन शुरू होगा। दोपहर तीन बजे आचमन व आरती के बाद शाम चार बजे डोली यात्रा निकलेगी। करीब साढ़े पांच बजे तक रथयात्रा स्थित बेनीराम बाग पहुंचेगी। मेला स्थल पर पहुंचे रथ की पूजा होगी। दर्शन-पूजन करने ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी के सचिव शैलेश त्रिपाठी, नवीन, डॉ. कमलेश, डॉ. शिशिर मालवीय, आशु त्रिपाठी, दिलीप कुमार मिश्र, रामयश, मिश्रा, हरीश वालिया आदि पहुंचे थे।
आज से निभाई जाएगी पुरी पीठ की परंपरा : भगवान जगन्नाथ के रथयात्रा उत्सव में पहली बार पुरी शंकराचार्य पीठ की परंपरा को निभाई जाएगी। पुरी शंकराचार्य पीठ की काशी शाखा पूर्वाम्नाय श्रीदक्षिणामूर्ति मठ के प्रधान दंडी संन्यासी स्वामी वनवैभवारण्य सरस्वती ने बताया कि बुधवार को भगवान की डोली यात्रा के पहले डोली की सफाई, गंगाजल से पवित्र कर पूजा की जाएगी। भगवान को रसगुल्ला, खाजा आदि का भोग लगेगा। उधर, रथयात्रा पर मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। अस्थायी दुकानों से लेकर बच्चों और बड़ों के लिए झूले लग गए हैं।
श्रद्धालुओं ने किए दर्शन।
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एडीसीपी ने दिए सुरक्षा यातायात प्रबंधन के निर्देश
वाराणसी। अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) नृपेंद्र ने राजातालाब में लगने वाले रथयात्रा मेले के मद्देनजर मेला प्रबंधन समिति के साथ बैठक की। समिति को भीड़ प्रबंधन में पुलिस का सहयोग करने के निर्देश दिए। संदिग्ध लोगों या गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए कहा गया। आपातकालीन मार्गों को हर समय अवरोधमुक्त रखने के निर्देश दिए गए।
यात्रा के दाैरान जमुआ और जक्खिनी से राजातालाब आने वाले वाहन भीमचंडी मार्ग से मातलदेई होते हुए जाएंगे। हरपुर अंडरपास से राजातालाब की ओर आने वाले वाहन रखौना अंडरपास से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करेंगे। अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और अनधिकृत दुकानों पर नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग मांगा गया।
प्रवेश द्वार पर डीएफएमडी-एचएचएमडी से होगी चेकिंग
वाराणसी। अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा ने मंगलवार की देर शाम पुलिस अधिकारियों के साथ रथयात्रा मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बताया कि मेला क्षेत्र में अस्थायी पुलिस सहायता केंद्र भी बनाया जाएगा। कहा कि सभी कर्मचारी निर्धारित समय से पूर्व अपनी ड्यूटी पर तैनात होंगे। प्रवेश द्वारों पर डीएफएमडी और एचएचएमडी जैसे सुरक्षा उपकरणों से चेकिंग होगी।
संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना पर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड तुरंत कार्रवाई करेंगे। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी और एंटी रोमियो टीम तैनात रहेगी। सीसीटीवी, पीटीजेड कैमरे और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। माहौल बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई होगी और सोशल मीडिया से निगरानी की जाएगी। निरीक्षण में पुलिस उपायुक्त काशी गौरव बंसवाल और अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा भी शामिल थे।
मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को न हो कोई परेशानी : मेयर
मेला क्षेत्र में सफाई व नागरिक सुविधाओं को लेकर मेयर अशोक कुमार तिवारी ने निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि रथयात्रा मार्ग को दुरुस्त कराएं। मेयर ने जलकल विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से हिदायत दी कि मेला क्षेत्र और उसके आसपास के सभी संपर्क मार्गों पर सीवर ओवरफ्लो की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सड़कों को तत्काल गड्ढा मुक्त करने और संपूर्ण मेला परिसर में सफाई व्यवस्था को चौबीस घंटे चाक-चौबंद रखने का आदेश दिया। इस बार भी मेला क्षेत्र को प्लास्टिक फ्री जोन घोषित किया गया है। मेला क्षेत्र में लगने वाली दुकानों, ठेलों और गुमटी संचालकों को दुकान के सामने अनिवार्य रूप से डस्टबिन रखना होगा।
108 ध्वज संग निकलेंगे महाप्रभु
डोली यात्रा में भगवान जगन्नाथ मलमल के कपड़े पर बैठेंगे। ढोल, नगाड़े, ताशे, डमरू दल के साथ भक्त 108 ध्वज लहराते हुए प्रभु की अगुवाई में रथयात्रा मेला के लिए निकलेंगे। डोली को उठाने के लिए परंपरा अनुसार आठ कहार रहेंगे।