संसाधनों के कुशल उपयोग टिकाऊ कृषि पद्धति पर जोर
अंतरराष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क) ने इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस के सहयोग से इरी में दो दिवसीय नीति संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें विशेषज्ञों ने संसाधनों के कुशल उपयोग और टिकाऊ कृषि पद्धति पर जोर दिया।
इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस डॉ. अशोक गुलाटी ने कहा कि विश्व के प्रमुख धान उत्पादक और निर्यातक देश के रूप में भारत के पास ऐसे नवाचारपूर्ण नीतिगत उपाय अपनाने का अवसर है। आर्थिक सलाहकार डॉ. केवी राजू ने कहा कि वैज्ञानिक रूप से परीक्षण किए गए अवरोधों की पहचान से सरकारों को क्षेत्रीय स्तर पर धान नीतियों के पुनर्गठन में सहायता मिल सकती है।
प्रमुख सचिव कृषि रविंदर ने कहा कि कृषि नीति निर्माण एक जटिल प्रक्रिया है। डॉ. सुखपाल सिंह, अध्यक्ष, पंजाब राज्य किसान कृषि श्रमिक आयोग, सौम्या श्रीवास्तव कृषि विशेषज्ञ विश्व बैंक, डॉ. परेश वर्मा महानिदेशक फेडरेशन ऑफ सीड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया, डॉ. सुधांशु सिंह, निदेशक, आइसार्क और डॉ. वीरेंद्र कुमार अनुसंधान निदेशक इरी रहे।