ये कारोबारी अब लखनऊ से माल लेने जा रहे हैं। दूसरे जिलों के व्यवसायी गोरखपुर, लखनऊ, प्रयागराज की मंडियों से दवा खरीदते हैं। दवा मंडी की 600 दुकानों में लगभग दस हजार से अधिक लोगों की रोजाना आवाजाही होती है। यहां सार्वजनिक शौचालयों की कमी हैं।
दुर्गंध फैली रहने और सीवर ओवर फ्लो के चलते दुकानदारों के साथ ही ग्राहकों को भी दिक्कत होती है। नेटवर्क की दिक्कत होने से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में समस्या होती है। सप्तसागर दवा मंडी को मोहनसराय में जहां ट्रांसपोर्टनगर विकसित हो रहा है, वहां शिफ्ट करने पर राहत मिलेगी।