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Varanasi News: रोज देते हैं दो करोड़ जीएसटी, फिर भी दवा मंडी बीमार; सप्तसागर में शौचालय-सीवर की समस्या

Sun, 08 Jun 2025 04:13 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी के मैदागिन स्थित सप्तसागर दवा मंडी बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। यहां सीवर, सड़क और शाैचालय की समस्याओं से व्यापारी परेशान रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि हमारी शिकायतों को अनसुना कर दिया जाता है।
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सप्तसागर दवा मंडी में अतिक्रमण से होती है परेशानी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Nagar Nigam Varanasi: पूर्वांचल की सबसे बड़ी दवा मंडी सप्तसागर कई समस्याओं से घिरी हुई है। जर्जर तार, सिकुड़ती गलियां, वनवे सिस्टम, लाइट और यातायात पार्किंग, शौचालय की कमी के साथ ही मूलभूत सुविधाओं से वंचित दवा मंडी से सरकार को 2 करोड़ रोज की जीएसटी भी मिल रही है। 

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इसके बाद भी इन समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। जिला प्रशासन और नगर निगम आंख मूंदे हुए है। दवा कारोबारियों का कहना है कि इस मंडी का शिफ्टिंग ही अंतिम विकल्प है। वनवे सिस्टम ने बाजार को बेजार कर दिया है। 

दवा कारोबारियों ने बताया कि मंडी में यातायात पार्किंग की दिक्कत के चलते 40 प्रतिशत से अधिक व्यापार गिर गया है। पहले आजमगढ़, मऊ, बलिया, जौनपुर, शाहगंज से कई व्यापारी आते थे। अब सुविधाओं के अभाव में शाहगंज के 70 से 75 फीसदी व्यापारियों ने सप्तसागर दवा मंडी आना छोड़ दिया है। 

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ये कारोबारी अब लखनऊ से माल लेने जा रहे हैं। दूसरे जिलों के व्यवसायी गोरखपुर, लखनऊ, प्रयागराज की मंडियों से दवा खरीदते हैं। दवा मंडी की 600 दुकानों में लगभग दस हजार से अधिक लोगों की रोजाना आवाजाही होती है। यहां सार्वजनिक शौचालयों की कमी हैं। 

दुर्गंध फैली रहने और सीवर ओवर फ्लो के चलते दुकानदारों के साथ ही ग्राहकों को भी दिक्कत होती है। नेटवर्क की दिक्कत होने से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में समस्या होती है। सप्तसागर दवा मंडी को मोहनसराय में जहां ट्रांसपोर्टनगर विकसित हो रहा है, वहां शिफ्ट करने पर राहत मिलेगी। 
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इनकी भी सुनें
  • मोहनसराय में इस दवा मंडी को शिफ्ट किया जाए, तभी राहत होगी। कई समस्याओं के मर्ज से यह मंडी घिरी हुई है। - संजय सिंह, महामंत्री, दवा विक्रेता समित
  • बिजली की कमी के चलते मंडी में अंधेरा रहता है। सीवर ओवरफ्लो और जाम के चलते ट्रांसपोर्टर आने से कतराते हैं। - दिनेश कुमार पटेल, अध्यक्ष, दवा विक्रेता समिति
  • शौचालय की कमी है। पार्किंग की दिक्कत और परेशानियां हैं। किसी तरह बस कारोबार की गाड़ी चल रही है। - धर्मेंद्र अग्रवाल, संगठन मंत्री, दवा विक्रेता समिति
  • ट्रांसपोर्टरों की दिक्कत है कि जितने का उनका भाड़ा नहीं, उतने का चालान हो जा रहा है। मैदागिन की तरह से वाहनों पर प्रतिबंध के चलते बहुत दिक्कतें हैं। - धर्मेंद्र गुप्ता, दवा विक्रेता
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