पुलिस के अनुसार वह चोलापुर थाना क्षेत्र के ताला गांव की रहने वाली है और पहले से ऐसे ही कार्यों में लिप्त रही है। जांच में खुलासा हुआ कि संचालिका ने जिस पते का उल्लेख किया है, वहां कोई नहीं रहता है। इस बीच पुलिस ने शुक्रवार को मामले में मुकदमा दर्ज कराने वाले पीएचसी हरहुआ के प्रभारी डॉ. संतोष कुमार का बयान पुलिस ने दर्ज किया।
जांच अधिकारी अभिषेक राय का कहना है कि जांच के दौरान जिस तरह के साक्ष्य मिल रहे हैं, उसके आधार पर संचालिका पर और धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे शिशु की स्थिति और उसको लेकर की जाने वाली दावेदारी पर स्पष्ट फैसला हो सके। तीन सितंबर को अस्पताल में लावारिस मिले नवजात को समिति को ही सौंपा गया था।