वहीं, अश्वनिया समिति के सचिव मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि यूरिया तो आ रही है, लेकिन किसानों की घबराहट बढ़ जाती है कि उन्हें कब खाद मिलेगी। जूली समिति के सचिव ने भी खाद को आधा वितरण कर घर जाने की बात बताई, जिससे किसानों की निराशा और बढ़ गई है।
किसान पंकज राय ने कहा कि यूरिया की पर्याप्त मात्रा सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन बीच में कालाबाजारी के कारण हालात बिगड़ रहे हैं। किसानों का मानना है कि यह सब किसी बड़े साजिश का परिणाम है। किसान देवेंद्र राय व सुशील सिंह ने भी इस बात पर जोर देते हुए कहा कि यदि यह समस्या जल्द हल नहीं हुई, तो किसानों की फसलें खराब हो जाएंगी और वो बर्बाद के कगार पर पहुंच जाएंगे। किसानों की अपील है कि सरकार इस गंभीर समस्या का समाधान करें, अन्यथा स्थिति भयावह हो सकती है।