मूलत: पंजाब की रहने वाली कर्नल रेशमा शरीन के पिता और भाई भी सेना में ही हैं। उन्होंने कहा कि सेना में लिंग भेद नहीं होता है। मुझे गर्व है कि देश सेवा के लिए माैका मिला है।
Varanasi News: सेना भर्ती कार्यालय वाराणसी के लिए ये पहला मौका है जब किसी महिला सैन्य अधिकारी भी भर्ती का नेतृत्व कर रहीं हैं। ये सेना भर्ती महिला नेतृत्व का संदेश है। कर्नल रेशमा शरीन आगरा आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस में भर्ती अधिकारी के पद पर तैनात हैं। मूलरूप से पंजाब की रहने रेशमा शरीन के पिता और दोनों भाई भी भारतीय सेना में अधिकारी हैं।
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छावनी के रणबांकुरे मैदान में अग्निवीर भर्ती का संचालन कर रहीं कर्नल रेशमा शरीन ने कहा कि सेना में सफलता समर्पण, अनुशासन और लगन से मिलती है। यहां लिंग कोई बाधा नहीं है। 2019 में रक्षा मंत्रालय की ओर से महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिए जाने के बाद, अब महिलाएं सिग्नल्स, इंजीनियरिंग, एजुकेशन, लॉ, इंटेलिजेंस, एविएशन समेत कई शाखाओं में जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
2023 में महिलाओं को कर्नल रैंक में कर्नल रेशमा शरीन का वाराणसी में नेतृत्व और उनकी सैन्य पृष्ठभूमि ने आज यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि भारतीय सेना न केवल अवसर दे रही है, बल्कि महिलाओं की क्षमता को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ा रही है।
बड़ी संख्या में सेना में शामिल हो रहीं युवतियां : कर्नल रेशमा शरीन ने कहा कि बड़ी संख्या में युवतियां सेना में शामिल होकर देश सेवा का संकल्प ले रही हैं। उन्होंने बताया कि यह रुझान महिलाओं में बढ़ती देशभक्ति की भावना को दर्शाता है।