शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मोहम्मद आजम खुद को मस्जिद का मुतवल्ली बताकर उनकी दुकान नहीं खुलने दे रहा है। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी दुकान खोलने के एवज में 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगता है। रुपये नहीं देने पर दुकान पर कब्जा करने और हत्या कराने की धमकी भी दी जाती रही है। कई बार समझाने और स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बावजूद आरोपी का रवैया नहीं बदला।
पीड़ितों के मुताबिक, 9 जून को जब निसार कुरैशी दुकान खोलने पहुंचे तो मोहम्मद आजम चार-पांच साथियों के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि उसने गाली-गलौज करते हुए दोबारा रंगदारी की मांग की और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। घटना के बाद चौक थाने में शिकायत दी गई, लेकिन तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद पीड़ितों ने अपर पुलिस आयुक्त (काशी जोन) से न्याय की गुहार लगाई। उनके निर्देश पर चौक पुलिस ने मोहम्मद आजम और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। चौक इंस्पेक्टर दिलीप कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।