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Varanasi: बीएचयू अस्पताल के बाल रोग वार्ड में घूम रहे हैं कुत्ते, अखिलेश ने फेसबुक पर किया पोस्ट तो मचा हड़कंप

Wed, 29 Apr 2026 01:26 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: ओपीडी में भी बच्चों को लेकर लोग दिखाने आते हैं। इससे बीमार बच्चों और उनके तीमारदारों को कुत्ते के काटने का खतरा रहता है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने फेसबुक पेज पर बाल रोग विभाग के वार्ड में घूमते कुत्ते की चार फोटो शेयर की तो हड़कंप मच गया।
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बीएचयू अस्पताल के बाल रोग वार्ड में घूम रहे हैं कुत्ते। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: बीएचयू अस्पताल के बाल रोग विभाग में आवारा कुत्तों की मौजूदगी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। वार्ड और ओपीडी क्षेत्र में कुत्तों के बेधड़क घूमने से भर्ती बच्चों और उनके तीमारदारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यहां नियमित रूप से कुत्ते घूमते देखे जाते हैं, जिससे कुत्तों के काटने का खतरा बना रहता है।

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मामला उस समय चर्चा में आया जब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने फेसबुक पेज पर बाल रोग विभाग के वार्ड की चार तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में वार्ड के पास तीमारदारों के बीच कुत्ते आराम करते हुए नजर आ रहे हैं। एक फोटो में कूड़ेदान गिरा हुआ है और उसके पास कुत्ता घूमता दिख रहा है, जबकि अन्य तस्वीरों में भी वार्ड के आसपास कुत्तों की मौजूदगी साफ दिखाई दे रही है।

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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर किया वायरल

गौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ते कुत्तों के आतंक को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद बीएचयू जैसे बड़े अस्पताल में इस तरह की स्थिति सामने आने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में बीएचयू अस्पताल को कुत्तों से मुक्त कराने की मांग की है। उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया।

बताया जा रहा है कि पोस्ट वायरल होने के बाद बाल रोग विभाग में कर्मचारियों की सक्रियता बढ़ गई। ओपीडी से लेकर वार्ड तक सफाई और निगरानी तेज कर दी गई, जिससे अन्य दिनों की तुलना में कुत्ते नजर नहीं आए। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्य दिनों में यहां अक्सर कुत्ते घूमते रहते हैं। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।
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