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आंध्र प्रदेश के परिवार ने दी जान: सामूहिक सुसाइड केस में नया मोड़, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

Sun, 10 Dec 2023 09:32 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

आंध्र प्रदेश निवासी दंपती और उनके दोनों बेटों ने काशी कैलाश भवन में खुदकुशी की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि तारपीन का तेल पीने के बाद फंदा लगाकर जान दी थी। दंपती के बड़े बेटे ने हाथ की नस भी काटी थी। बिसरा सुरक्षित रखा गया है। 
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आंध्र प्रदेश के परिवार ने दी जान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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वाराणसी के देवनाथपुरा स्थित आंध्रा आश्रम के काशी कैलाश भवन में आंध्र प्रदेश निवासी दंपती और उनके दो बेटों ने तारपीन का तेल पीने के बाद फंदा लगाकर जान दी थी। दंपती के बड़े बेटे ने हाथ की नस भी काटी थी। चारों का बिसरा सुरक्षित रखा गया है। 
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शनिवार को चारों के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई। पोस्टमार्टम के बाद दंपती और उनके दोनों बेटों के शव की अंत्येष्टि आंध्रा आश्रम के मैनेजर सुंदरम शास्त्री के सहयोग से हरिश्चंद्र घाट पर की गई।

आंध्र प्रदेश निवासी कोंडा बाबू (50), पत्नी लावण्या (45) और बेटे राजेश (25) व जयराज (23) के साथ बीते तीन दिसंबर को काशी कैलाश भवन में एस-6 कमरा लिए थे। सात दिसंबर को उन्हें कमरा छोड़ना था। सात दिसंबर को चारों लोगों ने फंदा लगाकर जान दे दी है। पुलिस आई तो कमरे से तेलुगू में ढाई पेज का सुसाइड नोट मिला। 
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सुसाइड नोट में लिखा था कि राजेश ऑटोमाबाइल की जिस दुकान में काम करता था वहां के छह लाख रुपये खुद पर खर्च कर दिया था। इस पर दुकान मालिक पेंटगतला प्रसाद ने पूरे परिवार से जबरन सादे कागज और बांड पर दस्तखत करा लिया था। 

112 police, up police, dail 112, police prv, prv, - फोटो : फाइल फोटो
राजेश ने पांच लाख रुपये दिए तो दुकान मालिक ने कहा कि कागज और बांड पर 20 लाख रुपये लिखा है और उतना ही चाहिए। परेशान होकर तमिलनाडु, हरिद्वार और कोलकाता होते हुए काशी आए। पैसे खत्म होने के बाद चारों ने फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने आंध्र प्रदेश से काशी आने के लिए मना कर दिया तो पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।

दशाश्वमेध थाने की पुलिस रवाना हुई आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश निवासी दंपती व उनके दो बेटों को आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकाने के आरोप में दशाश्वमेध थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए दशाश्वमेध थाने के एक दरोगा और तीन सिपाहियों की टीम आंध्र प्रदेश रवाना की गई है। एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय ने बताया कि प्रकरण के आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

वाराणसी में ही खरीदी रस्सी और तारपीन का तेल
दंपती और उनके दोनों बेटों ने फंदा लगाने के लिए नायलॉन की नई रस्सी बनारस में ही खरीदी। तारपीन का तेल भी उन्होंने यहीं खरीदा। काशी कैलाश भवन के कमरे का तीन दिसंबर से सात दिसंबर की सुबह तक के किराये का भुगतान राजेश ने बुधवार की दोपहर ही कर दिया था। भवन के मैनेजर ने बताया कि अन्य श्रद्धालुओं की भांति दंपती और उनके दोनों बेटे भी सामान्य तरीके से रह रहे थे। आंध्रा आश्रम में मिलने वाला नि:शुल्क भोजन भी चारों लोग सामान्य क्रम में ही कर रहे थे। आईडी प्रूफ के रूप में राजेश ने अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी दी थी। उनकी गतिविधि से रत्तीभर भी शंका नहीं हुई थी कि वह ऐसा आत्मघाती कदम उठाएंगे।

चार्जर और हेडफोन मिला, लेकिन मोबाइल नहीं
दंपती और उनके दोनों बेटे जिस कमरे में ठहरे हुए थे वहां से स्मार्ट फोन का हेडफोन और चार्जर मिला। मगर, काफी खोजबीन के बाद भी पुलिस को मोबाइल नहीं मिला। राजेश ने जो मोबाइल नंबर काशी कैलाश भवन के आगंतुक रजिस्टर में दर्ज कराया था उस पर पुलिस फोन कर रही थी तो घंटी नहीं जा रही थी। इसे लेकर पुलिस खासी परेशान रही। पुलिस के अनुसार हो सकता है कि आत्महत्या करने से पहले मोबाइल स्विच ऑफ कर चारों ने कहीं फेंक दिया हो।

 

सामूहिक आत्महत्या के बाद श्रद्धालुओं ने छोड़े कमरे
काशी कैलाश भवन के भूतल और अन्य दो तल में 30 कमरे हैं। दंपती और उनके दोनों बेटों के आत्महत्या का प्रकरण सार्वजनिक होने के बाद काशी कैलाश भवन में ठहरे हुए अधिकतर दक्षिण भारतीय श्रद्धालु अपना कमरा खाली कर अन्यत्र शिफ्ट हो गए। दक्षिण भारतीय श्रद्धालु दंपती और उनके दोनों बेटों के आत्मघाती कदम से अवाक थे।


 
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कभी मोक्ष तो कभी निजी कारणों से जान देते रहते हैं दक्षिण भारतीय श्रद्धालु
काशी में दक्षिण भारतीय श्रद्धालु कभी मोक्ष के लिए तो कभी अन्य निजी कारणों की वजह से जान देते ही रहते हैं। इससे पहले 21 सितंबर की रात गणेश महाल स्थित एक गेस्ट हाउस में बंगलूरु निवासी बीएच कृष्णमूर्ति ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। 18 अगस्त को वाराणसी आए तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी रेवांथा मोहनराज और उनकी रिश्ते की चचेरी बहन श्रीसीजे शिवाला स्थित एक होटल के कमरे में मृत मिले थे। इससे पहले भी इसी तरह के प्रकरण थोड़े-थोड़ अंतराल पर सामने आते रहे हैं।
 
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