बैंड, बाजा, बरात से शहर में जाम ही जाम, मचा त्राहिमाम
सुबह बनारस, शाम बनारस, जब देखो तब जाम बनारस... यह लाइन शहर की ध्वस्त यातायात व्यवस्था को लेकर लोगों की जुबान पर है। रविवार की सुबह से लेकर रात तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाम से लोग कराह उठे। अधिकतर जगहों पर सड़क पर बैंड, बाजा और बरात से मार्ग बाधित रहा। वैवाहिक लॉन के बाहर सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़ी गाड़ियों के चलते दिक्कत हुई। ककरमत्ता से लेकर मंडुवाडीह चौराहे तक पांच मिनट की दूरी तय करने में आधे घंटे से अधिक का समय लग गया। बरेका गेट से लेकर मंडुवाडीह चौराहे तक सात प्वाइंट पर यातायात पुलिस कर्मी तैनात रहे, लेकिन जाम लगा रहा।
शहर के अधिकतर इलाकों में वैवाहिक लग्न के चलते अचानक सड़कों पर शाम के समय दबाव बढ़ गया। जिले के एक हजार से अधिक लॉन और छह सौ होटलों में शादियों की बुकिंग रहीं। इसके कारण लगभग सभी क्षेत्र जाम की चपेट में रहे। थानों के वायरलेस सेट पर जाम की शिकायत आती रही।
लहरतारा से मंडुवाडीह चौराह तक की एक लेन पूरी तरह से जाम की चपेट में रहा। महमूरगंज, चितईपुर, सुंदरपुर, लंका-सामनेघाट, रामनगर और शिवपुर, पांडेयपुर, आशापुर, पहड़िया-चंद्रा चौराहा मार्ग पर दोनों तरफ लॉन और पार्किंग फुल रहा। सड़क पर ही दोनों साइड गाड़ियां खड़ी रहीं और एक भी पुलिसकर्मी यहां नहीं था। कज्जाकपुरा, नक्खीघाट इलाका भी क्रॉसिंग के चलते शाम से लेकर रात तक जाम की चपेट में रहा।
ईंधन खर्च होता रहा, गाड़ियों के चक्के थमे रहे
मंडुवाडीह चौराहे पर जाम की समस्या खत्म नहीं हो रही है। जबकि अपर पुलिस आयुक्त कानून व व्यवस्था एस. चिनप्पा, डीसीपी प्रबल प्रताप सिंह कई बार बैठक कर इसकी समीक्षा कर चुके हैं। फुलवरिया फोरलेन शुरू होने के बाद से इस मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ा लेकिन जाम के कारणों का कोई ठोस उपाय नहीं ढूंढा जा सका। जाम में गाड़ियों का इंजन स्टार्ट रहा, लेकिन पहिये थमे रहे।