महमूरगंज की सड़क पर गड्ढा हो गया है। जहां आसपास के लोगों ने डंडा डाल रखा है। इसी प्रकार फुलवरिया फोरलेन से जेल रोड मार्ग की हालत भी खराब है। यहां आए दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा रमाकांत नगर काॅलोनी, बादशाह बाग काॅलोनी, पितरकुंडा, लल्लापुरा, औरंगाबाद, जद्दूमंडी, पान दरीबा, नई सड़क, बेनियाबाग, कबीरचौरा, महमूरगंज, सिगरा, सिद्धगिरीबाग, सोनिया, भोगाबीर, साकेतनगर, कबीर नगर, दुर्गाकुंड, भगवानपुर आदि इलाकों की सड़कें खराब हैं।
खोदाई के चलते खराब हो रहीं सड़कें
आए दिन कोई न कोई सड़क किसी न किसी कार्य के लिए खोदी जाती है। पिछले दिनों सिगरा से सोनिया मार्ग को खोदा गया था। इसी प्रकार सिगरा से सिद्धगिरिबाग मार्ग पर रोपवे के पिलर के लिए खोदाई की गई थी। यही नहीं सीवर, पेयजल और बिजली की लाइनों में खराबी के कारण सड़कों को खोदकर छोड़ दिया जाता है। टेलीकाॅम कंपनियां भी सड़कों की खोदाई करतीं हैं। जिसकी मरम्मत बाद में कराई जाती है।
पिछले दिनों नगर निगम ने शहर के आठों जोन का सर्वे कराया था। इस दौरान 1137 स्थानों पर खराब सड़कें और गड्ढे मिले थे। जिन्हें जोनवार पाटने का काम चला था। बाद में बारिश में इन गड्ढों में भरी गई मिट्टी और गिट्टी बह गई। इसके बाद फिर से इन पर गड्ढे हो गए।
वर्षवार सड़कों की मरम्मत पर खर्च के आंकड़े
- 2022-23 - 3.64 करोड़
- 2023-24 - 6.67 करोड़
- 2024-25 - 8.75 करोड़
क्या बोले अधिकारी
बारिश बंद होने के बाद ही सड़क निर्माण कार्य शुरू होगा। बारिश में तारकोल अच्छी तरह से पकड़ नहीं बना पाता। इस समय केवल सड़कों को चलने लायक बनाया जाएगा। बारिश के बाद नए सिरे से सड़कों का निर्माण कार्य होगा। इसकी कार्ययोजना बनाई जा रही है।
-संदीप श्रीवास्तव, पीआरओ, नगर निगम