वाराणसी नगर निगम सदन की पहली बैठक शनिवार को चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी संकुल में करीब सवा घंटे चलने के बाद खत्म हो गई। सदन में न कार्यकारिणी के गठन पर और न ही शहर की बुनियादी सुविधाओं के विकास पर चर्चा हुई।
सदन में सड़कों की खुदाई का मुद्दा उठा मगर पार्षदों के विरोध और नोंकझोंक में ही रह गया। अलाव पर चर्चा हुई और जरूरी स्थानों पर जलाने पर नगर आयुक्त ने भरोसा दिलाया। परिचय, स्वागत और शोकसभा का प्रस्ताव आने के बाद अध्यक्ष/महापौर मृदुला जायसवाल ने सदन को स्थगित कर दिया।
सदन की कार्यवाही 11.00 बजे शुरू हुई। सबसे पहले महापौर मृदुला जायसवाल ने सदन में उपस्थित पार्षदों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को सदन की कार्यवाही से अवगत कराया। पार्षदों का परिचय कराया गया। वंदेमातरम से कार्यवाही शुरू हुई।
इस बीच सपा के एमएलसी एवं सदन के पदेन सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने 12 दिसंबर को संस्कृत में शपथ लेने पर आपत्ति जताई और अलाव नहीं जलने का मुद्दा उठाया। इस पर पार्षदों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कुछ देर के लिए शोरशराबा मचाने लगे।
नगर आयुक्त ने आश्वस्त किया कि जहां जरुरी है वहां अलाव जलेगा, तब जाकर सदस्य माने। नगर आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी भाषा में शपथ ली जा सकती है। अलाव का भी मसला उठा।
कांग्रेस पार्षद दल के नेता सीताराम केशरी ने सड़कों की खुदाई, आईपीडीएस के अधिकारियों को सदन में बुलाने का मसला उठाया। सपा के निर्दल पार्षद प्रशांत सिंह पिंकू ने भी समर्थन किया। इस बीच भाजपा के राजेश यादव चुल्लू, वंदना सिंह, नरसिंह दास ने कड़ा विरोध किया और हल्की नोंकझोंक हुई।
भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि विरोधी दल केपार्षद सदन को गुमराह कर रहे हैं और कोई चर्चा नहीं हुई। इसके बाद पार्षदों ने शोकसभा का प्रस्ताव ला दिया। शोकसभा पढ़ने के बाद सदन को अध्यक्ष ने सवा 12 बजे स्थगित कर दी।