वाराणसी से हल्दिया के बीच नवंबर के अंत तक जलपरिवहन शुरू कर पाना एक बड़ी चुनौती है। जहां अभी टर्मिनल का काम 20 प्रतिशत से ज्यादा बचा हुआ है तो वहीं जेटी से राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने के लिए बनाई जा रही सड़क का कार्य भी काफी पीछे है। हालांकि मल्टी मॉडल टर्मिनल की निगहबानी सीधे पीएमओ से की जा रही है।
प्रतिदिन प्रगति की रिपोर्ट पीएमओ भेजी जा रही है। नवंबर के अंत तक अगर मल्टी मॉडल टर्मिनल बनकर तैयार हो जाता है तो इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने की तैयारी है। रामनगर में बन रहे मल्टी मॉडल टर्मिनल (बंदरगाह) का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है।
टर्मिनल संचालन के लिए 10 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे विद्युत सब स्टेशन का कार्य भी अभी 90 प्रतिशत तक पूरा हुआ है। टर्मिनल की जेटी बनकर तैयार हो गई है। वहीं प्रशासनिक भवन व कार्यालय का निर्माण चल रहा है।
इसी भवन से टर्मिनल के सारे कार्य संचालित किए जाएंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि टर्मिनल का काम लगभग 80 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है। नवंबर तक यह पूरा हो जाएगा। यहां से 2000 टन क्षमता के जलपोतों का संचालन किया जा सकेगा।