इसी बीच एक छात्रा छिवकी रेलवे स्टेशन से एक महिला के मोबाइल से प्रयागराज में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार को फोन की तो उसने कहा कि वह उसके पास आ रहा है। रिश्तेदार ने छात्रा के परिजन को सूचना दी। छात्रा के परिजन ने मंडुवाडीह थाने की पुलिस को बताया तो प्रयागराज की जीआरपी ने तीनों को वहीं रोक लिया। पुलिस उन्हें सोमवार को वापस लाई। इसके साथ ही गेस्ट हाउस संचालक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।
लोहता में नथनी-बाली बेची और रात भर गेस्ट हाउस में रहकर गईं मिर्जापुर
शनिवार की सुबह स्कूल जाने से पूर्व छात्राओं ने पूरी तैयारी कर रखी थी। स्कूल की यूनिफॉर्म के नीचे तीनों घर के कपड़े भी पहनी थी। स्कूल में छुट्टी होने के बाद तीनों लोहता गईं और सर्राफ के यहां एक छात्रा ने कान की बाली और नाक की नथनी 2550 रुपये में बेच दी। उसके बाद ऑटो से तीनों नगवा स्थित रविदास पार्क गईं। वहां कुछ लड़के मिले, उन लड़कों ने तीनों को घर जाने को कहा तो वह वहां से दुर्गाकुंड चलीं र्गइं। दुर्गाकुंड से तीनों गोदौलिया गईं। गोदौलिया में तीनों को फैजान मिल गया।
फैजान ने दशाश्वमेध स्थित एक पेइंग गेस्ट हाउस में 1200 रुपये में एक कमरा लिया। उसने यह कहकर कमरा बुक कराया कि बर्थडे में गेस्ट आए हैं और देर हो गई है। रविवार की सुबह छात्रा ने फोन कर फैजान को बुलाया। फैजान अपने दो दोस्त शाहिद और सकलैन के साथ गेस्ट हाउस पहुंचा। गेस्ट हाउस से तीनों युवक और छात्राएं लखनियादरी घूमने गए। सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में तीन छात्राओं के गायब होने की खबर जब युवकों को हुई तो तीनों को वहां से लाकर गोदौलिया छोड़ गए।
गोदौलिया से छात्राएं ऑटो से कैंट स्टेशन पहुंचीं और वहां प्लेटफार्म पर खड़ी गोरखपुर अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन में बैठ र्गइं। ट्रेन से तीनों प्रयागराज के छिवकी रेलवे स्टेशन पर उतर गईं। इसके बाद तीनों पकड़ी गई। थानाध्यक्ष मंडुवाडीह परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि चारों आरोपियों के पास से तीन मोबाइल, तीन स्कूटी और गेस्ट हाउस का रजिस्टर भी जब्त किया गया है। उधर, परिजनों को देख कर एक किशोरी रोने लगी, जबकि दो अन्य को समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें।
तीन और सीनियर छात्राओं के जाने की थी तैयारी
नौवीं की तीनों छात्राओं की पहले से ही घर छोड़ कर जाने की तैयारी थी। इसका जिक्र वह कक्षा 10 की तीन अन्य छात्राओं से भी करती थीं। नौवीं की तीनों छात्राओं के साथ 10वीं की तीन छात्राएं भी घर छोड़ कर जाने को तैयार थीं। वह इसलिए नहीं जा पाई कि नौवीं की तीनों छात्राओं ने उन्हें यह नहीं बताया था कि शनिवार को ही वह जा रही हैं। इसके बाद तीनों छात्राएं जब मिर्जापुर के लखनियादरी पहुंचीं तो उनमें से एक ने 10वीं की एक छात्रा को फोन कर कहा कि घर से दूर अकेले घूमने में बड़ा मजा आ रहा है।
तीनों बच्चियों का ना कोई गलत उद्देश्य था और ना उन्हें किसी ने उकसाया था। बच्चे जब किशोरावस्था में हों तो मां-बाप को देखना चाहिए कि वह क्या कर रहे हैं और क्या सोच रहे हैं। इसी तरह से स्कूल में शिक्षकों को भी प्रत्येक विद्यार्थी की गतिविधि पर गंभीरता से नजर रखनी चाहिए। - अमित पाठक, एसएसपी