लोक सभा चुनाव से पहले बुलेट ट्रेन के दूसरे कॉरिडोर के रूप में वाराणसी-नई दिल्ली रूट की घोषणा हो सकती है। सुविधा के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यूपी के इस कॉरिडोर की घोषणा के लिए मंथन शुरू हो गया है। हालांकि अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के बाद अब दूसरे कॉरिडोर के लिए उच्चस्तरीय विचार विमर्श किया जा रहा है। भारतीय रेल के सूत्रों की मानें तो इसमें दिल्ली-वाराणसी रूट सबसे ऊपर है।
इसके पीछे एक मजबूत आधार यह भी दिया जा रहा है कि राजनीतिक लिहाज से बीजेपी के लिए सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य यूपी में इस घोषणा का फायदा मिल सकता है।
वहीं, फिजिबिलिटी के दृष्टिकोण से भी यह कॉरिडोर उपयुक्त बताया जा रहा है। वाराणसी और दिल्ली के बीच की दूरी लगभग 750 किलोमीटर है। रेलवे पहले ही बुलेट ट्रेन के बहुत लंबे कॉरिडोर बनाने की बजाय पांच सौ से आठ सौ किमी के कॉरिडोर बनाए जाने को लेकर तैयारी कर रहा है।
इससे कम खर्च के साथ ही निर्माण कार्य भी कम समय में पूरा हो जाएगा।