वाराणसी। पिछले सप्ताह से दाएं-बाएं नियम के तहत खुली दुकानों में अब इलेक्ट्रॉनिक का बाजार रफ्तार पकड़ने लगा है। शहर सहित पूर्वांचल के खरीदार भी आर्डर मंगाने लगे हैं। लॉकडाउन के चलते इन दो माह में इलेक्ट्रॉनिक कारोबारियों का लगभग 600 करोड़ का माल डंप पड़ा था। अब शहर के साथ ही आसपास के जनपदों से व्यापारी माल मंगाना शुरू कर दिए हैं तो वहीं जिनके यहां स्टॉक बचा हुआ था, वह बेचकर पूंजी लौटा रहे हैं।
पूर्वांचल सहित बिहार के कुछ जनपदों में कूलर, एसी, पंखा यही वाराणसी से ही जाता है। कारोबारियों के अनुसार लॉकडाउन से पूर्व कितने जनपदों में माल भेज दिया गया था। शादी लगन और गर्मी सीजन में करीब 1000 करोड़ का सिर्फ पंखा, कूलर, एसी का कारोबार होता है। इस बार सब धरा का धरा रह गया। हालांकि इन दिनों मिली छुट में बाजार थोड़ा बहुत रफ्तार पकड़ा है। कूलर और पंखे की बिक्री अधिक हो गई है। एसी भी लोग खरीदने लगे हैं। 3 महीने तक होता है कारोबार व्यापारियों का कहना है कि पंखे, कूलर और एसी साल में सिर्फ 3 महीने व्यापार होता है। अप्रैल, मई और जून, फिर इसकी कमाई से साल का खर्च चलाया जाता है. अभी डिस्ट्रीब्यूटर के पास करीब 1000 करोड़ रुपये का माल पड़ा है और इससे थोड़ा कम ही माल रिटेलर के पास है। होलसेल मार्केट में मई तक 70 फीसदी से अधिक माल की बिक्री हो जाती है लेकिन इस बार 20 परसेंट ही माल बिक सकेगा।