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Varanasi News : दुष्कर्म कर वीडियो बनाया, प्रयागराज की ओर ले जाकर छोड़ा; छेड़खानी के दोषी को सश्रम कारावास

Mon, 02 Dec 2024 09:18 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News : किशोरी के पिता ने इस मामले में पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई थी। गत रविवार को मुकदमा दर्ज कराया था। आपत्तिजनक वीडियो और फोटो वायरल न करने का भरोसा देकर आरोपी ने कुकृत्य किया था।
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वाराणसी पुलिस ने की कार्रवाई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के गोविंदपुर के शनि राजभर को रोहनिया थाने की पुलिस ने किशोरी के साथ दुष्कर्म और उसका अश्लील फोटो-वीडियो बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पीड़िता के पिता ने रविवार को मुकदमा दर्ज कराया था।

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पुलिस को बताया कि शनि ने उनकी बेटी के साथ बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और फोटो-वीडियो बना ली। इसके बाद वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा। 27 नवंबर को शनि ने किशोरी को कहा कि वह उससे आकर मिले तो उसकी फोटो-वीडियो वह डिलीट कर देगा। किशोरी गई तो शनि और उसके तीन दोस्तों ने उसे कार में बैठा लिया। प्रयागराज मार्ग की ओर सुनसान स्थान पर उसे छोड़ कर चले आए। 

अदालत से सुनाया फैसला। - फोटो : अमर उजाला
दहेज हत्या में पति और सास को 10-10 साल की कैद
दहेज की खातिर विवाहिता को मार डालने के मामले में जिला जज संजीव पांडेय ने उसके पति राजकुमार दूबे और सास मैना देवी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को 10-10 साल के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर अभियुक्तों को एक-एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार फूलपुर थाना क्षेत्र के अजईपुर गांव निवासी सुरेंद्र नाथ पांडेय की बेटी सपना की शादी डिग्गी, करखियांव गांव निवासी राजकुमार दूबे के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज के लिए विवाहिता को उसके ससुराल वाले प्रताड़ित करने लगे। 18 जून 2011 को मारपीट में घायल सपना की मौत हो गई। सपना की मां सावित्री देवी ने मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में साक्ष्य के अभाव में अदालत ने सपना के जेठ प्रवीण दूबे और जेठानी रीना दूबे को दोषमुक्त कर दिया।
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छेड़खानी के दोषी को तीन वर्ष का सश्रम कारावास
किशोरी के साथ छेड़खानी के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अजय कुमार की अदालत ने अभियुक्त दिवाकर को तीन साल के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर अभियुक्त को एक माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। 

अभियुक्त द्वारा जुर्माना देने पर अदालत ने 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि 11-12 मई 2019 की रात में पीड़िता टॉयलेट के लिए घर से निकली थी। उसी दौरान पीड़िता का हाथ पकड़कर दिवाकर उसके साथ छेड़खानी किया। दिवाकर के खिलाफ पीड़िता के परिजनों ने 14 मई 2019 को बड़ागांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
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