वाराणसी के ठठेरी बाजार मोड़ स्थित संजय अग्रवाल की सराफा दूकान पर शनिवार को हुई करीब चार करोड़ रुपये की डकैती पर योगी सरकार के मंत्री ने बड़ा बयान दिया। सूबे के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल राजभर ने बंद कमरे में पुलिस के आलाधिकारियों के साथ बैठक कर चेताया कि 48 घंटे में खुलासा करें नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इसे पूरी चुनौती के रुप में लिया है। हम सभी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि अपराधी अगर पाताल में भी छिपे होंगे तो हम उन्हें पकड़ जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस घटना से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत चिंतित हैं और उन्होंने मुझे परिवार के पास जाने का आदेश दिया।
मंत्री ने दावा किया यह अपराधियों का समूल नाश करने वाली सरकार है। इसमें शामिल अपराधी जिंदगीभर पछताएगा। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराया जाएगा।
इससे पहले असलहे से लैस बदमाशों ने शनिवार को दिनदहाड़े डाका डाला। असलहे और चाकू से कारोबारी और उसके कर्मचारियों को आतंकित कर बदमाशों ने तीन करोड़ साठ लाख रुपये से अधिक कीमत के जेवरात लूट लिए। बदमाश छह की संख्या में थे।
भागते समय उन्होंने दूकान का सीसीटीवी कैमरा और उसका डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) तोड़ डाला। दो कर्मचारियों के मोबाइल छीन लिए। शहर के सबसे व्यस्त इलाके में हुई वारदात से सनसनी मच गई। दिनदहाड़े डकैती से गुस्साए सराफा कारोबारी दूकानें बंद कर सड़क पर उतर आए।
चौक थाने के सामने सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे कारोबारियों को पुलिस ने जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए जेवरात की बरामदगी का आश्वासन देकर शांत कराया। हालांकि घटना को लेकर पुलिस और पत्रकारों को देर रात तक यही सूचना रही कि दस करोड़ से अधिक कीमत के जेवरात लूटे गए हैं।
विरोध में सड़क पर उतरे सराफा कारोबारी
loot in varanasi
- फोटो : अमर उजाला
मगर, आधी रात चौक इंस्पेक्टर से पता चला कि संजय की तहरीर पर चौक थाने में 12 किलोग्राम सोने के जेवर की डकैती का मुकदमा अज्ञात बदमाश के खिलाफ दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार इस तथ्य की भी जांच की जा रही है कि लूटे गए जेवरात के संबंध में दो तरह की बातें क्यों सामने आई।
चौक थाने से मैदागिन की ओर बढ़ने पर ठठेरी बाजार गली में घुसते ही दाहिनी तरफ सराफा कारोबारी संजय अग्रवाल का चार मंजिला मकान है। प्रथम तल पर श्री सीताराम सर्राफ नाम से उनकी आभूषण की दूकान है। ऊपरी तल पर परिवार रहता है और भूतल पर भी दूकान है।
संजय के अनुसार दोपहर बाद करीब 4:20 बजे दो युवक आए। उन्होंने लॉकेट दिखाने की मांग की। उन्हें दूकान का कर्मचारी छोटू लॉकेट दिखा रहा था जबकि एकाउंटेंट महेंद्र सिंह अपना काम कर रहे थे और संजय बैठे थे। इसी दौरान एक-एक कर चार और युवक दूकान में घुसे।
उनमें से एक चेहरे पर गमछा बांधे हुए था, बाकी सभी सामान्य तरीके से थे। बदमाशों में एक ने संजय की कनपटी पर असलहा सटा दिया। एक अन्य ने असलहे और चाकू से आतंकित कर उनसे आलमारी खुलवाई। फिर जल्दी से बदमाशों ने पिट्ठू बैग में सोने के जेवरात भरे।
एक बदमाश संजय को गन प्वाइंट पर लिए रहा और बाकी बारी-बारी से निकल गए। फिर वह भी संजय को शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला। बदमाशों के भागने के बाद लगभग 4:40 बजे संजय और कर्मचारियोें ने शोर मचाया। आ
सपास के दूकानदार जुटे और सूचना पाकर पुलिस भी पहुंची। संजय के भाई प्रह्लाद अग्रवाल ने बताया कि दस करोड़ से अधिक का जेवरात लूटा गया है। हालांकि कितना जेवर वास्तव में लूटा गया है यह पूरी तरह से आंकलन कर लेने के बाद ही बता पाना संभव होगा।
आईजी जोन डॉ. एन रविंदर ने बताया कि वाराणसी और मिर्जापुर जिले की क्राइम ब्रांच के साथ छह थानेदारों की टीम घटना के खुलासे के लिए लगाई गई है। बदमाशों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उधर, सराफा कारोबारियों ने 48 घंटे में खुलासा न होने पर बनारस बंद की चेतावनी दी है।