बजट में किए गए टीयर-2 शहरों के मुताबिक लाइट मेट्रो का डीपीआर तैयार किया जाएगा। दरअसल, वाराणसी के लिए पहली बार वर्ष 2015 में सर्वे किया गया था। मगर, फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट रिटर्न रेशियो के आठ फीसदी कम होने के कारण यह प्रोजेक्ट अधर में लटक गया। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान के सुझाव के बाद मेट्रो, लाइट मेट्रो, रोप वे सहित अन्य संभावनाओं पर अलग अलग रिपोर्ट्स बनी। मगर, वे रिपोर्ट्स धरातल पर नहीं उतर पाई।
इन सुझावों पर होगा अमल
- शहर में वाहनों का कितना है घनत्व
- मेट्रो संचालन कितना होगा कारगर
- मेट्रो लाइन के दोनों ओर लास्ट माइल कनेक्टिविटी
- लागत से 50 फीसदी कम किया जाएगा खर्च
- छोटी बोगी व छोटे पिलर का प्लान
एक नजर इस पर भी
- मेट्रो में तीन हजार करोड़ पहले थी लागत
- लाइट मेट्रो में एक हजार करोड़ लागत की उम्मीद
- 13 किलोमीटर होगी लाइट मेट्रो की लाइन
- 04 डिब्बे अधिकतम रहेंगे ट्रेन में
- 02 की बजाए अब एक कॉरिडोर बनेगा
इस संदर्भ में वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने लाइट मेट्रो का डिटेल प्लान बनाने का निर्देश दिया है। इसमें पहले चरण के लिए योजना बनाई जाएगी। शासन की टीम इस प्लान को मॉनिटरिंग के साथ पूरा कराएगी। बजट में प्रावधान के बाद शासन नए सिरे से काम कर रहा है।