सुरक्षा के दृष्टिकोण से अतिसंवेदनशील वाराणसी के छावनी क्षेत्र स्थित जेएचवी मॉल में बुधवार शाम लगभग साढ़े तीन बजे नशे में धुत तीन युवकों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी।घटना में गोपी कन्नौजिया (25) और सुनील (42) की मौत हो गई। फायरिंग में चंदन शर्मा (31) और विशाल सिंह (26) घायल हुए हैं। मामले में काशी विद्यापीठ के चंदौली जिले के समुदपुर निवासी छात्र आलोक उपाध्याय और दो अज्ञात पर कैंट थाने में प्यूमा कंपनी के मैनेजर हर्षित तिवारी की तहरीर पर हत्या, हत्या का प्रयास और एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया है।
अंधाधुंध फायरिंग से मॉल में भगदड़ मच गई थी। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच सहित 12 टीमें लगाई गई हैं। एसएसपी ने इंस्पेक्टर कैंट राजीव रंजन उपाध्याय और नदेसर चौकी प्रभारी प्रदीप यादव को लाइन हाजिर कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मॉल में आठ से नौ राउंड फायरिंग हुई है। मॉल को खाली कराकर सीसी कैमरे का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर, मौके से मिली देसी पिस्टल और बाहर खड़ी लावारिस बाइक को पुलिस ने कब्जे में लिया है। पिस्टल लेकर तीनों युवक कैसे गए, इस बारे में मॉल के सिक्योरिटी अफसर और गार्ड्स से कैंट थाने में पूछताछ जारी थी।
पुलिस के अनुसार वारदात की वजह आलोक की प्रेमिका से प्यूमा शोरूम के कर्मचारी प्रशांत अग्रहरि द्वारा बदसलूकी और इसके कारण उसके नौकरी छोड़ने के साथ ही कपड़ा खरीदने में मनमाफिक छूट न देना है। मॉल स्थित प्यूमा शोरूम में घुसे तीन युवकों ने कर्मचारी प्रशांत अग्रहरि के बारे में पूछताछ की।
इसी बीच एक ने पिस्टल निकाली तो शोरूम में मौजूद हर्षित तिवारी सहित अन्य ने शोर मचा दिया। इस पर अगल-बगल के शोरूम में काम करने वाले कर्मचारियों ने पिस्टल निकालने वाले को दबोच कर पीटने लगा। इस पर युवक के साथी ने पिस्टल निकाल कर ताबड़तोड़ फायरिंग कर मैगजीन खाली कर दी।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में पांडेयपुर निवासी गोपी और शिवपुर सुनील को मृत घोषित कर दिया। गोपी एक अन्य शोरूम में सेल्समैन और शिवपुर निवासी सुनील एक शोरूम का टेलर बताया गया है। दोनों के सीने पर गोली मारी गई थी। वहीं, घायल गाय घाट निवासी चंदन शर्मा एक घड़ी शोरूम का मैनेजर और बाबापुर गोराईं निवासी विशाल कपड़े के शोरूम का सेल्समैन है। चंदन को कमर के नीचे और विशाल की बाईं जांघ पर गोली लगी है।
चौतरफा गिरा खून खौफनाक मंजर कर रहा था बयान
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मॉल के शोरूमों में लोग खरीदारी कर रहे थे तो बच्चे आइसक्रीम खाते हुए प्रथम तल पर ट्वाय ट्रेन में घूम रहे थे। इसी दौरान अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। एकबारगी तो लोगो को कुछ समझ में ही नहीं आया। मॉल के भूतल पर मची भगदड़ और फायरिंग की आवाज से लोगों को माजरा समझ में आया तो खुद को बचाने के लिए इधर-उधर छुपने लगे। वहीं, कई लोग चीखते-चिल्लाते मदद की गुहार लगाते हुए बाहर भागे। बता दें कि इस अंधाधुंध फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई वहीं दो लोग घायल हो गए।
मॉल में अंधाधुंध फायरिंग के बाद भूतल स्थित ब्रांडेड कपड़ों और जूतों के शोरूम के भीतर और बाहर चौतरफा खून गिरा हुआ था। भागने के दौरान कई लोगों की चप्पलें और सैंडल भी छूट गए। खून और बिखरे चप्पल-सैंडल वारदात की भयावहता को दर्शा रहे थे। जेएचवी मॉल में मौजूद विदेशी सैलानी कुछ समझ हीं नहीं पाए और जहां के तहां खड़े हो गए। भगदड़ और अफरातफरी के माहौल के बीच कई विदेशी सैलानी रोने लगे तो स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकाला।
मॉल के इर्दगिर्द के एक से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में एसएसपी और डीएम के अलावा अन्य आला अफसर रहते हैं। मॉल के आसपास ही कई तारांकित होटल भी हैं। इस वजह से मॉल में विदेशी सैलानियों की खासी भीड़ रहती है। मॉल में भगदड़ मची तो सामने की सड़क से गुजर रहे विदेशी सैलानियों की एक बस फंस गई। बस में मौजूद सैलानी भयभीत दिखे और चालक से अनुरोध करने लगे कि जल्दी आगे निकले।
किसी तरह से मॉल से बाहर निकल कर आईं अंकिता सिंह अपनी दोस्त अवनी मिश्रा को काफी देर तक खोजती रहीं। अंकिता ने बताया कि ऐसे लगा जैसे आतंकवादी हमला हुआ है। पांडेयपुर के अमित पांडेय ने कहा कि वह प्रथम तल पर घूम रहे थे। अचानक गोलियां तड़तड़ाने लगी ंतो पहले तो लगा कि किसी शोरूम में किसी स्कीम के तहत आतिशबाजी की जा रही होगी। नीचे देखा तो भगदड़ मची थी तो वह भी सीढ़ियों से कूदते हुए पीछे के गेट से बाहर भागे। बेटे सनी तिवारी के साथ खरीदारी करने आई भोजूबीर की प्रतिमा तिवारी ने कहा, ऐसा हमने कभी नहीं देखा था।
सीएम योगी ने ली जानकारी, सोशल मीडिया पर वारदात वायरल
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जेएचवी मॉल में फायरिंग कर की गई दो लोगों की हत्या के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एडीजी जोन से घटना की जानकारी ली। साथ ही, वारदात का जल्द खुलासा करने का निर्देश दिया। उधर, दो लोगों की हत्या सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुई। शहर भर में व्हाट्स ऐप्प पर लोग एक-दूसरे को घटना से जुड़े फोटो भेजते रहे। इसके साथ ही ट्विटर और फेसबुक यूजर्स ने घटना की भयावहता को लेकर कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े किए।
पुलिस-प्रशासन के आला अफसरों ने ली जानकारी
मॉल में वारदात की जानकारी मिलने पर एसएसपी आनंद कुलकर्णी और क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह के साथ ही एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद पहुंचे। इसके थोड़ी ही देर बाद आईजी रेंज विजय सिंह मीना, एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री और डीएम सुरेंद्र सिंह पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। एडीजी जोन और आईजी रेंज ने एसएसपी को घटना का जल्द खुलासे का निर्देश दिया है।
दूसरों की दुश्मनी में निर्दोषों की जान गई
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मॉल में अंधाधुंध फायरिंग में दो निर्दोषों की जान चली गई। मारे गए गोपी और सुनील का हमलावरों से कोई विवाद नहीं था। पांडेयपुर निवासी गोपी मॉल के एक शोरूम में सेल्समैन था। तीन भाइयों में सबसे छोटा गोपी अविवाहित था। वहीं, शिवपुर निवासी सुनील एक शोरूम में टेलर था। सुनील की शादी हो गई है और छोटे बच्चे हैं। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे गोपी और सुनील के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। दोनों के परिजनों का कहना था कि आखिर गोपी और सुनील का क्या कसूर था।
सिक्योरिटी के बावजूद अंदर कैसे गईं पिस्टल
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मॉल के बाहर, इंट्री और एक्जिट गेट पर महिला-पुरुष सिक्योरिटी गार्ड मेटल डिटेक्टर के साथ ही मॉल में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की मैनुअल तलाशी भी लेते हैं। बावजूद इसके नशे में धुत तीन युवकों के दो अवैध पिस्टल लेकर मॉल के भीतर प्रवेश करने पर सवाल उठ रहे हैं। सभी का कहना था कि मॉल प्रबंधन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरती गई है।
हत्या के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने मॉल के सिक्योरिटी अफसर और गार्ड्स से पूछताछ की। इसके बाद इंट्री और एक्जिट गेट पर तैनात तीन पुरुष और दो महिला गार्ड्स के साथ ही सिक्योरिटी अफसर को पूछताछ के लिए पुलिस कैंट थाने ले गई। थाने पर सभी एक-दूसरे को दोषी ठहराते रहे।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि मॉल के सीसी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है। वारदात में मॉल के सुरक्षा प्रबंधन की चूक देखी जा रही है और पूछताछ की जा रही है। मॉल के सुरक्षा प्रबंधन पर भी जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मल्टीप्लेक्स में पिक्चर देख रहे लोग वारदात से थे अनजान
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फायरिंग की घटना से दूसरे तल पर स्थित मल्टीप्लेक्स में पिक्चर देख रहे लोग अनजान थे। मल्टीप्लेक्स के कर्मचारियों ने शोर मचाया तो लोग अपनी सीटों से उठ कर भागे। इस दौरान मल्टीप्लेक्स में अंधेरा होने से कई लोग एक-दूसरे से टकरा कर सीढ़ियों पर गिर भी पड़े। पुलिस आने के बाद मल्टीप्लेक्स खाली कराया गया। वहीं, कुछेक शोरूम और रेस्टोरेंट के लोगोें का आरोप है कि कुछेक लोग फायरिंग के बाद भगदड़ के दौरान भुगतान किए बगैर ही भाग निकले।
पहले भी लहराया जा चुका है असलहा
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तकरीबन डेढ़ साल पहले जेएचवी मॉल के मल्टीप्लेक्स में पिक्चर देखने के दौरान कर्मचारियों से कुछ लोगों का विवाद हो गया था। इस दौरान मॉल के कर्मचारियों से मारपीट के साथ असलहा लहराने की बात सामने आई थी। कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा शहर स्थित अन्य मॉल में ऐसे फायरिंग की बात नहीं हुई।
फोरेंसिक टीम ने इकट्ठा किए नमूने, शोरूम हुए बंद
वारदात के बाद फोरेंसिक टीम की फील्ड यूनिट ने मॉल के शोरूम से घटना से जुड़े सैंपल एकत्र किए। इसके बाद एक-एक कर शोरूम के शटर गिरने लगे। शाम होते-होते सन्नाटा सा छा गया था। वहीं, मॉल पर भारी संख्या में पुलिस के तैनात होने के कारण सड़क से गुजरने वाले लोगों के कदम ठिठक जा रहे थे।
निजी अस्पताल में अभद्रता, 10 थानों की फोर्स पहुंची
मॉल में हुई फायरिंग में घायल विशाल और चंदन को मलदहिया स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। दोनों के दोस्त भी अस्पताल पहुंच गए थे। विशाल के दोस्त वहां मौजूद लोगों से अकारण ही अभद्रता करने लगे। इसे देखते हुए सिगरा, चेतगंज, जैतपुरा, भेलूपुर, लोहता, आदमपुर सहित 10 थानों की फोर्स और एक कंपनी पीएसी अस्पताल पहुंची। पुलिसकर्मियों ने विशाल और उसके दोस्तों को समझाबुझाकर शांत कराया। इस दौरान पुलिस के कई वाहनों के कारण मलदहिया-तेलियाबाग मार्ग पर जाम लग गया।
ऐसे हालात में कैसे होगा प्रवासी भारतीय सम्मेलन
सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील और जिले के आला अफसरों के रिहायशी क्षेत्र में बने जेएचवी मॉल में विदेशी सैलानियों के सामने दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग कर की गई दो लोगों की हत्या ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। माना जा रहा है कि यदि माहौल ऐसा ही रहा तो प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन एक बड़ी चुनौती होगा। साथ ही, त्योहार के सीजन में हुई इस वारदात के बाद मॉल सहित भीड़भाड़ वाले अन्य सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन को नये सिरे से कार्ययोजना बनानी होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते रविवार को कहा था कि प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए काशी में हर तरह से सकारात्मक माहौल होना चाहिए। मगर, मुख्यमंत्री के निर्देशों के प्रति पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं और भीड़भाड़ वाले स्थान पर दो लोगों की हत्या कर दो को घायल कर दिया गया। इन हालात में जिले की कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आला अफसरों को गंभीरता से ध्यान देना होगा।