उसी समय भ्रष्टाचार निवारण संगठन के प्रभारी निरीक्षक नीरज सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल शैलेंद्र राय व सुनील यादव और कांस्टेबल सुमित भारती, अजय यादव व विनोद की टीम ने दोनों को रंगेहाथ धर दबोचा। इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि दोनों के खिलाफ रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज करा कर उन्हें पुलिस को सौंप दिया गया है।
दरोगा अभिषेक वर्मा की बमुश्किल चार साल की नौकरी और घूस लेने के आरोप में गिरफ्तारी गुरुवार को पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी रही। पुलिस कर्मियों का ही कहना था कि दरोगा अभिषेक को संयम से काम लेना चाहिए था। वहीं, पुलिस अफसरों ने बताया कि दरोगा अभिषेक वर्मा को निलंबित करने के साथ ही उसके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।