काशी की भव्यता को दुनिया भर में एक बार फिर से प्रचारित और परिचित कराने की तैयारी है। अगले साल जनवरी में प्रस्तावित प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले प्रशासन काशी की धर्म, कला, संस्कृति से जुड़ी विरासतों पर डॉक्यूमेंट्री तैयार कराने लगा है।
गंगा तट पर डोमरी में होने वाले सम्मेलन में सात हजार एनआरआई के शामिल होने की उम्मीद है। इससे पहले वाराणसी के महात्म्य को उन तक पहुंचाने के लिए विदेश मंत्रालय के जरिए डॉक्यूमेंट्री प्रवासी भारतीयों तक पहुंचाई जाएगी।
योजना के तहत डॉक्यूमेंट्री में गंगा, शिव और काशी विश्वनाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों को शामिल किया गया है। यही नहीं, वाराणसी में स्थित बौद्ध और जैन धर्म से जुड़े पवित्र विरासतों का भी काशी से जुड़ाव दिखाया जाएगा।
लखनऊ-दिल्ली से यहां आई टीम वाराणसी के ऐसी धार्मिक-ऐतिहासिक विरासतों की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कर रही है। डॉक्यूमेंट्री तैयार होने के बाद इसे विदेश मंत्रालय भेजा जाएगा और वहां से स्वीकृति के बाद इसे प्रवासी भारतीयों तक पहुंचाया जाएगा।