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वाराणसी फ्लाईओवर हादसाः पुलिस-प्रशासन और सेतु निगम आमने-सामने

Wed, 23 May 2018 10:31 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
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- फोटो : अमर उजाला
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फ्लाईओवर हादसे के बाद ट्रैफिक डायवर्जन पर वाराणसी पुलिस-प्रशासन और सेतु निगम आमने-सामने आ गए हैं। पुलिस प्रशासन के दावे के विपरीत सेतु निगम के अभियंताओं का कहना है कि बीते फरवरी महीने में यातायात में बाधा पैदा करने के नाम पर उनके विरुद्ध सिगरा थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई थी। इसके मद्देनजर पुलिस के दबाव में ही उन्होंने निर्माण कार्य स्थल की बैरिकेडिंग पीछे खिसकाई थी।
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चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे के बाद सेतु निगम मुख्यालय लखनऊ में मंगलवार को हुई बैठक में निर्माण कार्य से जुड़े अभियंताओं और वरिष्ठ अधिकारियों ने अपना यह पक्ष रखा। मुख्यालय के उच्चाधिकारियों ने इस दौरान फ्लाईओवर निर्माण से जुड़े सभी रिकार्ड की जांच की।

दरअसल, जिस स्थान पर 55 टन वजनी बीम गिरा, वहां सड़क से सटी रेलवे कॉलोनी की दीवार है। लोहे की बैरिकेडिंग के चलते वहां रास्ता काफी संकरा हो गया था। इसके चलते जाम लग रहा था। जाम की समस्या से निबटने के लिए जहां दीवार तोड़कर सर्विस रोड को चौड़ा करने की जरूरत थी।
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सेतु निगम के अभियंताओं का कहना है कि दीवार तोड़वाने के बजाए पुलिस-प्रशासन ने बैरिकेडिंग खिसकाने के लिए दबाव बनाया। इंजीनियरों की मानें जहां कहीं भी निर्माण कार्य होता है, वहां सामान गिरने का खतरा बना रहता है।

खासकर ओवरहेड काम के दौरान विशेष सतर्कता की आवश्यकता होती है लेकिन ट्रैफिक डायवर्जन की पुलिस-प्रशासन ने ठोस पहल नहीं की। उधर, पुलिस-प्रशासन और सेतु निगम के बीच ट्रैफिक डायवर्जन के इस गतिरोध पर विशेषज्ञों का कहना है कि सेतु निगम और पुलिस-प्रशासन दोनों स्तरों पर चूक हुई।

किसी तरह के गतिरोध पर जिला प्रशासन और शासन के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा किसी की ओर से नहीं किया गया। 
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लोड टेस्टिंग में होगा हादसे वाली बीम का इस्तेमाल

- फोटो : अमर उजाला
सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक संदीप गुप्ता ने बताया कि बीम को छोटा करके अलग रखा गया है। इसका इस्तेमाल लोड टेस्टिंग में किया जाएगा। काम के लिए बाहर से मजदूर बुलाए जा रहे हैं। सेफ्टी-सिक्योरिटी के इंतजाम के बाद सलाहकारों और विशेषज्ञों के परामर्श के आधार पर ही काम शुरू कराया जाएगा।

बीम की मजबूती पहले बाद में निर्माण कार्य
सेतु निगम के महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव ने कहा कि फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराने की सभी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। हालांकि सेफ्टी-सिक्योरिटी से जुड़े पहलुओं को पूरा करने के बाद ही निर्माण शुरू होगा।

पिलर के अलावा बीम को आपस में बांधने का काम पहले चरण में होगा। इसके बाद अतिरिक्त सेफ्टी उपकरणों के जरिए सुरक्षा-संरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। 
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