मान महल घाट को 1600 में आमेर के महाराजा मान सिंह ने बनवाया था। खिड़कियों पर सुंदर अलंकृत नक्काशियों वाले शानदार भवन के लिए यह महल प्रसिद्ध है। इसकी छत पर एक वेधशाला है, जो 1710 में राजा जय सिंह द्वितीय द्वारा बनाई गई थी।
यहां पत्थर से बने विशाल यंत्र स्थापित हैं, जिनका इस्तेमाल सूर्य, चंद्रमा, तारे और अन्य ग्रहों की हलचल का अध्ययन करने के लिए किया जाता था। जंतर- मंतर वेधशाला का मुख्य आकर्षण है। ये जंतर- मंतर दिल्ली, जयपुर, उज्जैन और मथुरा में स्थित जंतर- मंतर के जैसा ही है।
संस्कृति मंत्रालय के सचिव राघवेंद्र सिंह
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संस्कृति मंत्रालय के सचिव राघवेंद्र सिंह मंगलवार को बीएचयू पहुंचे। यहां उन्होंने कुलपति प्रो. राकेश भटनागर से पहले मुलाकात की, इसके बाद वह भारत कला भवन पहुंचे। यहां उन्होंने भवन में बनी अलग-अलग वीथिका और उसके महत्व के बारे में निदेशक से बातचीत की।
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निदेशक प्रो.अजय ने बताया कि सचिव ने इस दौरान मान महल घाट में बन रहे संग्रहालय में बीएचयू के सहयोग को लेकर बातचीत की। बताया कि भवन में रखी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए मंत्रालय से चार करोड़ रुपये मिलने हैं, जिसमें दो करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इससे यहां संरक्षण के प्रयास के साथ ही सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी लगवाया जाएगा।