फ्लाईओवर हादसे के बाद दूसरी बार दो दिवसीय दौरे पर बनारस पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने सेतु निगम को निर्देश दिया कि काम में पहले सेफ्टी, फिर क्वालिटी और इसके बाद टाइमिंग का विशेष ध्यान दें।
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जिला प्रशासन को भी कड़ा संदेश दिया कि विभागों में आपसी समन्वय बनाकर फ्लाईओवर के काम को पूरा कराएं। इसमें जिस स्तर पर सरकार से मदद चाहिए सरकार देने को तैयार हैं। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कमिश्नरी में अधिकारियों संग हुई बैठक में सेतु निगम के अधिकारियों से कहा गया कि चौकाघाट फ्लाईओवर का काम पूरी सुरक्षा के साथ कराएं। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को भी कड़ी हिदायत दी गई है।
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इस योजना से जुड़े सभी विभागों में समन्वय कराके काम को बखूबी अंजाम दिलाएं। जो विभाग इसमें लापरवाही करें उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करके भेजें। उन्हें बनारस से हटाया जाएगा।
बैठक के बारे में पूछने पर सेतु निगम के महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सुरक्षा पर अधिक फोकस दिया। उनके निर्देश पर अमल किया जा रहा है। यही कारण है कि अभी निर्माण नहीं शुरू कराया है। पहले पूरे निर्माण कार्य के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। सारे बीम जोड़े जा रहे हैं।
फ्लाईओवर का रिकॉर्ड सौंपा, दो दिन में आएगी जांच टीम
चौकाघाट फ्लाईओवर का रिकॉर्ड सेतु निगम ने डिप्टी सीएम की ओर से गठित जांच टीम को सौंप दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद बुधवार को टीम बनारस आएगी। यहां अधिकारियों से बातचीत के अलावा घटना स्थल पर भी जाएगी। इसमें इंजीनियरिंग के तीन विशेषज्ञ शामिल हैं। जो अपनी रिपोर्ट सीधे डिप्टी सीएम को सौंपेंगे।
नई कार्ययोजना पर शुरू होगा फ्लाईओवर का काम
हादसे के बाद चौकाघाट फ्लाईओवर का निर्माण कार्य ठप है। सेतु निगम के अधिकारियों को मजदूर नहीं मिल रहे हैं। चौकाघाट फ्लाईओवर का नाम सुनते ही कई मजदूर यहां काम करने को तैयार नहीं हो रहे। मिर्जापुर से कुछ मजदूरों को बुलाकर सेफ्टी कार्य कराए जा रहे हैं। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक संदीप गुप्ता ने बताया कि नए सिरे से कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके बाद फ्लाईओवर का निर्माण कार्य कराया जाएगा।
एनएचएआई पर भी जताई नाराजगी
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के निर्माणाधीन मार्गों की धीमी प्रगति पर सीएम ने नाराजगी जताई और तेज करने का निर्देश दिया। विभाग के अधिकारियों ने बताया जौनपुर एवं गाजीपुर में भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही में बाधा आ रही है।
इस पर मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त को दोनों जिलाधिकारियों से समन्वय कर प्राथमिकता पर इसे पूरा करने को कहा। आईपीडीएस योजना के बावजूद बनारस की सड़कों पर लटकते बिजली के तार और सड़क किनारे बिजली खंभों पर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और 10 दिन में इसे दुरुस्त करने को कहा।
शहर की बस्तियों में बांस-बल्ली के बिजली पोल की शिकायत पर उसे तत्काल हटाने के निर्देश दिया। वरुणा कॉरिडोर के चैनेलाइजेशन कार्य को दिसंबर तक पूरा कराए जाने का निर्देश दिया। चार लाख लीटर दैनिक क्षमता के रामनगर पराग डेयरी प्लांट के निर्माण में देरी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई।
CM योगी ने दी 20 दिन की मोहलत
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बनारस की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग को 20 दिनों की मोहलत दी है। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि बरसात से पहले शहर की सड़कें दुरुस्त दिखनी चाहिए।
लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, जिला पंचायत एवं मंडी परिषद को यद्धस्तर पर अभियान चलाकर काम कराए जाने का निर्देश दिया। सड़कों के निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि कार्य की गुणवत्ता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मंडलायुक्त सभागार में वाराणसी के विकास कार्य और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने पेयजल परियोजनाओं की धीमी प्रगति और बार-बार निर्देश के बावजूद संतोषजनक सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्य क्षमता पर संदेह जताया। उन्होंने अधिकारियों को कार्य संस्कृति बदलने की नसीहत और समयसीमा में मानकों के अनुरूप काम पूरा करने की हिदायत दी।
मुख्यमंत्री ने जाति, आय और मूल आवास प्रमाण पत्रों को तीन दिन में निस्तारित करने का निर्देेश दिया। उन्होंने थाना स्तर के पुलिसकर्मियों और राजस्व विभाग के लेखपालों के अवैध वसूली की शिकायत का जिक्र किया और कहा ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित कर बर्खास्त किया जाए।
उन्होंने विश्वनाथ कॉरिडोर को काशी के अतीत से जोड़ने और विरासतों को सहेजने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में सीएम को बताया गया कि 30 जून 2018 तक 16 परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी। इसमें रिंग रोड 1, बाबतपुर वाराणसी फोरलेन, आईपीडीएस, कबीरचौरा हेरिटेज वाक सहित अन्य काम हैं। इसके बाद 31 दिसंबर 2018 तक 24 कामों को पूरा करने की बात मुख्यमंत्री को बताई।
इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकारते हुए कहा, आप लोगों की लापरवाही से काम समय पर पूरे नहीं होते। हर काम का लक्ष्य तय करके उसे समयसीमा में पूरा कराया जाए। छह माह पहले मुख्यमंत्री के भ्रमण की गई परियोजनाओं के पूरा होने की जानकारी दी गई। बैठक में सेतु निगम से संबंधित हादसे का जिक्र किए बिना मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की समयबद्धता और सुरक्षा मानकों को लेकर जमकर नाराजगी जताई।
काम में सुधार नहीं तो कार्रवाई तय
- फोटो : अमर उजाला
दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने रविवार को मंडलायुक्त सभागार में समीक्षा बैठक में विभागों की हकीकत अधिकारियों के सामने रख दी। विभागीय आंकड़ों से अलग मुख्यमंत्री ने अवैध वसूली, तहसीलों के भ्रष्टाचार, गेहूं क्रय केन्द्रों की शिकायतों का जिक्र किया और अधिकारियों को इसके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिया।
वाराणसी में विकास और निर्माण कार्यो में गति लाने के लिए विभागीय अधिकारियों को प्रतिदिन, जिलाधिकारी को साप्ताहिक और मंडलायुक्त को पाक्षिक समीक्षा के साथ स्थलीय निरीक्षण का निर्देश दिया। काशी में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और सम्मान के लिए अधिकारियों को ताकीद की। स्वच्छता कार्यक्रम के लिए प्रतिदिन अभियान के लिए नगर आयुक्त को निर्देश दिया।
उन्होंने जल्द ही दोबारा यहां की परियोजनाओं की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण की हिदायत दी और कहा, काम में सुधार नहीं हुआ तो अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। परियोजनाओं की जानकारी दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कागजी आंकड़े नहीं जमीन पर काम दिखना चाहिए। आंकड़ों से लक्ष्य नहीं मिलता।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी के गेहूं क्रय केन्द्रों पर अवैध वसूली की शिकायतें हैं। जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि क्रय केन्द्रों पर सक्रिय बिचौलियों पर कार्रवाई की जाए। जिससे किसानों को उनके गेहूं का निर्धारित सरकारी समर्थन मूल्य 1745 प्रति क्विंटल मिल सके।
मुख्यमंत्री ने खाद्यान्न वितरण में अनियमितता की दो माह से मिल रही शिकायत का जिक्र किया और कहा कि खाद्यान्न प्राप्त करने में पात्र लोगों को किसी भी स्तर पर परेशानी का सामना न करना पड़े।
लापरवाह अधिकारियों की यूपी में जगह नहीं
- फोटो : अमर उजाला
दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने रविवार को मंडलायुक्त सभागार में वाराणसी के विकास कार्य और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। इस दौरान अधिकारियों की लापरवाही पर उन्हें जमकर फटकार लगाई।
उन्होंने कहा, लापरवाह अधिकारियों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। यहां चल रही परियोजनाओं के विलंब होने पर अधिकारियों को अभियान चलाकर पूरा करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। शहर की सड़कों को सुधारने के लिए लोक निर्माण विभाग को 20 दिन की मोहलत दी। उन्होंने विश्वनाथ कॉरिडोर को काशी के अतीत से जोड़ने और विरासतों को सहेजने का निर्देश दिया।
मंडलायुक्त को उन्होंने निर्देश दिया कि हर परियोजना की स्थलीय समीक्षा के साथ जनता की सुरक्षा और संरक्षा के मानकों को पूरा कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी पहली प्राथमिकता जनसुरक्षा है और इसके लिए सबको अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे।
वाराणसी के चौराहों और तिराहों पर मालवाहकों और सवारी वाहनों से पुलिस द्वारा की जाने वाली अवैध वसूली की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी है। रविवार को कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मंडलीय सभागार में मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि चौराहों पर वसूली करने वाले पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर एसएसपी जेल भेजें और नौकरी से बर्खास्त करें।
शहर में जिन मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश निषेध है वहां नो इंट्री के नियम का कड़ाई से पालन हो। खाकी वर्दी को कलंकित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए।
जिले में हाल में हुई ताबड़तोड़ आपराधिक वारदातों के कारण पुलिस की कार्यशैली से मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक में नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस रोजाना पैदल गश्त करे और सक्रिय दिखे। थानों पर जो फरियादी जाएं उन्हें बैठने के लिए जगह और पीने का पानी उपलब्ध कराकर उनकी शिकायत को पुलिसकर्मी संवेदनशीलता के साथ सुनें।
थानों की साफ-सफाई पर थानाध्यक्ष गंभीरता से ध्यान दें। पुलिसिंग ऐसे प्रभावी तरीके से की जाए कि अपराधियों में कानून का भय और आम आदमी निश्चिंत हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाकी वर्दी आम आदमी पर जुल्म के लिए नहीं बल्कि जुल्म करने वालों से रक्षा के लिए है और पुलिस समाज में जनमित्र की भूमिका में नजर आए।