सरकारी विभागों पर बकाया है करोड़ों का विद्युत बिल
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बिजली विभाग इन दिनों जोर शोर से बिजली चोरी और बकाए के खिलाफ अभियान चला रही है। विभाग की कार्यशैली अपनों पे करम और गैरों पर सितम की है। कर्मचारी सरकारी विभागों और रसूखदार लोगों की बिजली काटने से कतरा रहे हैं जबकि कमजोर तबके का कनेक्शन काटकर पीठ थपथपा रहे हैं।
विभागीय सूत्रों की मानें तो अकेले बनारस में तकरीबन 21 करोड़ का बिजली का बकाया है। इनमें से अधिकांश बड़े बकाएदार सरकारी विभाग हैं। जिनमें शिक्षा, पुलिस, प्रशासन, चिकित्सा, जेल आदि प्रमुख हैं।
बीते 18 अप्रैल से विभाग ने बकाए और विद्युत चोरी के खिलाफ अभियान चला रखा है। प्रतिदिन तकरीबन पांच सौ से अधिक घरों को चेक किया जा रहा है। नए मीटर लगाने के साथ खराब मीटर बदले जा रहे हैं।
यहां तक की बकाएदारों के कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं। प्रतिदिन लाखों रुपये का शमन शुल्क और राजस्व की वसूली की जा रही है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी सरकारी विभागों के कनेक्शन काटने से बच रहे हैं।
विभाग के अधीक्षण अभियंता आशीष अस्थाना ने बताया कि सरकारी विभागों से भी वसूली की जाती है। समय-समय पर उनका भी कनेक्शन काटा जाता है। चूंकि उनका बजट एकसाथ आता है इसलिए उनकी बिजली तत्काल नहीं काटी जाती है।
अधीक्षण अभियंता अनिल वर्मा ने बताया कि जो बिल भेजा जाता है। वह बिल कम विच्छेदन नोटिस होता है। बिल मिलने के सात दिन के भीतर बिजली काटने का प्रावधान है।