जलस्तर में कमी से सामनेघाट के पास मध्य धारा में भी जगह जगह रेत के टीले उभर आये हैं
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अमर उजाला में गंगा के मुद्दे पर लगातार छप रही खबरों का असर दिखना शुरू हो गया है। गंगा के घटते जलस्तर पर प्रशासन की तंद्रा आखिरकार भंग हुई है। अप्रैल माह में ही गंगा के घटते जलस्तर ने नदी विज्ञानियों की चिंता को बढ़ा दिया। उन्होंने इस संबंध में चेतावनी भी जारी की थी।
अमर उजाला में गंगा के मुद्दे पर लगातार छप रही खबरों को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से डीएम ने गंगा में जल्द से जल्द पानी छोड़ने की बात कही है।
गुरुवार को जिलाधिकारी ने गंगा घाटों का निरीक्षण किया। शासन को लिखे गए पत्र में जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने कहा है कि जिले में गंगा का जलस्तर काफी तेजी से कम हो रहा है।
इससे काशी के धार्मिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्ता के अनुसार श्रद्धालुओं ने चिंता जताई है। निरीक्षण के दौरान स्थिति बेहद गंभीर नजर आई और गंगा के जलस्तर में हो रही कमी साफ-साफ देखने को मिली।
इसलिए डीएम ने प्रमुख सचिव से अनुरोध किया है कि धार्मिक नगरी काशी को देखते हुए कानपुर बैराज या नरौरा बैराज से गंगा में अतिरिक्त जल प्रवाहित करने का निर्देश जारी करें।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने मुख्य सचिव, सीएम के प्रमुख सचिव, कमिश्नर, प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता को भी प्रतिलिपि भेजी है।