सुबह आठ बजे से अदोपहर डेढ़ बजे बजे तक जलस्तर प्रति घंटे डेढ़ सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ा। बढ़ती हुर्इं गंगा एक ओर शीतला माता मंदिर की सीढ़ियों का स्पर्श करने को आतुर रहीं तो दूसरी ओर गंगा सेवा निधि कार्यालय के पास स्थित ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर की सीढ़ियां लगभग डूबी थीं।
नाविकों को अपनी बड़ी-बड़ी नौकाएं मंदिर की दीवारों के सहारे बांधनी पड़ीं। वहीं, गंगा सेवा निधि को सातवीं बार गंगा आरती स्थल में बदलाव करना पड़ा।
कोरोना वायरस के चलते 24 मार्च से नावों पर रोक लगानी पड़ी थी। 23 जून से गंगा में नाव चलाने की भी इजाजत दे दी गई। उस दिन दशाश्वमेध घाट पर नाविकों ने गंगा मइया की पूजा-अर्चना की। इस मौके पर खुद डीएम कौशलराज शर्मा भी पहुंचे थे। उन्होंने नाविकों के हाथों प्रसाद भी खाया। इसके बाद नाव की सवारी भी की। अब बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एक बार फिर से नावों के संचालन पर रोक लगा दी है।