फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: धर्मनगरी काशी में बाढ़ का खतरा, गंगा में नाव संचालन पर डीएम ने लगाई रोक

Wed, 26 Aug 2020 02:02 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
गंगा का बढ़ता जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

वाराणसी में बाढ़ से खतरे को देखते हुए डीएम कौशल राज शर्मा ने गंगा में नाव संचालन पर रोक लगा दी है। हर प्रकार की छोटी-बड़ी नाव संचालन को रोक दिया गया है। जलस्तर 1.5 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इससे पहले कोरोना वायरस के चलते 24 मार्च से नावों पर रोक लगानी पड़ी थी।

विज्ञापन

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार की सुबह आठ बजे जलस्तर 65.79 मीटर रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को रात आठ बजे 65.49 मीटर रहा। घाटों की सीढि़यां डूबी हुई हैं। पतित पावनी गंगा के जलस्तर में बढ़ाव लगातार जारी है।


गंगा का जलस्तर दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला माता मंदिर की मुख्य सीढ़ियों से लगायत प्लेटफार्म तक पहुंच गया। जलस्तर में बढ़ाव की रफ्तार जारी है।

सुबह आठ बजे से अदोपहर डेढ़ बजे बजे तक जलस्तर प्रति घंटे डेढ़ सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ा। बढ़ती हुर्इं गंगा एक ओर शीतला माता मंदिर की सीढ़ियों का स्पर्श करने को आतुर रहीं तो दूसरी ओर गंगा सेवा निधि कार्यालय के पास स्थित ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर की सीढ़ियां लगभग डूबी थीं।

नाविकों को अपनी बड़ी-बड़ी नौकाएं मंदिर की दीवारों के सहारे बांधनी पड़ीं। वहीं, गंगा सेवा निधि को सातवीं बार गंगा आरती स्थल में बदलाव करना पड़ा।
विज्ञापन

कोरोना वायरस के चलते 24 मार्च से नावों पर रोक लगानी पड़ी थी। 23 जून से गंगा में नाव चलाने की भी इजाजत दे दी गई। उस दिन दशाश्वमेध घाट पर नाविकों ने गंगा मइया की पूजा-अर्चना की। इस मौके पर खुद डीएम कौशलराज शर्मा भी पहुंचे थे। उन्होंने नाविकों के हाथों प्रसाद भी खाया। इसके बाद नाव की सवारी भी की। अब बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एक बार फिर से नावों के संचालन पर रोक लगा दी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें