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वाराणसी: नागरिकता काननू-एनआरसी को लेकर लोगों को जागरुक करेगा जिला प्रशासन, निकाला यह आइडिया

Sun, 22 Dec 2019 02:36 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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नागरिकता कानून के खिलाफ वाराणसी में हुआ था विरोध-प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला।
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नागरिकता संशोधन काननू(सीएए) को लेकर शहर में तरह-तरह की अफवाहों के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए बनारस के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने एक नया फैसला लिया है। वह सीएए और एनआरसी के प्रति लोगों में पर्चे बांटकर जागरुक किया जाएगा।

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इन पर्चों पर सीएए और एनआरसी के बारे में विस्तार से बताया गया है, साथ ही जिलाधिकारी ने कहा कि ये पर्चे शहर के सभी पुलिस स्टेशन में पहुंचाए गए हैं, जहां से आम लोगों को पर्चे बांटे जा रहे हैं।

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पर्चों में बताया गया है कि सीएए और एनआरसी को लेकर कौन-कौन सी अफवाहें हैं। साथ ही नागरिकता काननू के बारे में विस्तार से बताया गया है। सीएए को लेकर पहली अफवाह उड़ रही है कि इसके द्वारा भारतीय मुस्लिमों की नागरिकता छीन ली जाएगी।

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जबकि सच्चाई ये है कि इस एक्ट का भारतीय नागरिक से कोई संबंध नहीं है। नागरिकता काननू द्वारा पड़ोसी देशों(पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान) में धार्मिक आधार पर किया गया, जिसकी वजह से वो अपना देश छोड़कर शरणार्थी बनकर आ गए। ऐसे लोगों को भारती की नागरिकता देने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। इस संशोधन के अलावा पूरी दुनियां के सबी लोग अगर 11 साल से ज्यादा भारत में वैध कागजात जैसे, वीजा के माध्यम से रह रहे हैं। वो यहां के नागरिक बनने के पात्र होंगे। यह काननू अभी भी मौजूद है। और कई देशों के मुस्लिम भाई-बहन इस काननू के अंतर्गत भारत के नागरिक बन सकते हैं।
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