काशी विश्वनाथ धाम को विंध्य नगरी और संगम नगरी से जोड़ने का काम किया जा रहा है। जल परिवहन को इसके लिए मजबूत किया जा रहा है। गंगा में संचालित क्रूज को वाराणसी से मिर्जापुर होते हुए प्रयागराज तक ले जाने के प्रस्ताव पर पर्यटन विभाग अंतिम मुहर की तैयारी में है।
नव्य, भव्य और दिव्य काशी विश्वनाथ धाम को विंध्य नगरी और संगम नगरी से जोड़ने के लिए जल परिवहन को मजबूत किया जा रहा है। गंगा में संचालित क्रूज को अब काशी से प्रयाग तक चलाकर सैलानियों व श्रद्धालुओं को जल मार्ग के जरिए धर्म यात्रा कराने की तैयारी है। इसके लिए क्रूज सेवा वाराणसी से मिर्जापुर होते हुए प्रयागराज तक ले जाया जाएगा। इस प्रस्ताव पर पर्यटन विभाग अंतिम मुहर की तैयारी में है।
विज्ञापन
भारतीय अंतरर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण की ओर से जिला प्रशासन को मिले क्रूज (रो-पास) को दो दिन की यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा है। वाराणसी से प्रयागराज के बीच धार्मिक पर्यटन पर जाने वाले सैलानी लाइव म्यूजिक और बनारसी जायके का लुत्फ उठा सकेंगे। अलकनंदा क्रूज लाइन के डायरेक्टर विकास मालवीय के मुताबिक वाराणसी से प्रयागराज तक क्रूज से दो दिन की यात्रा होगी। इसका पहला पड़ाव मिर्जापुर का विंध्यवासिनी धाम होगा। इस दौरान चंद्रकांता संतति का ऐतिहासिक चुनार किले का भी भ्रमण कराया जाएगा। 200 किलोमीटर की यह यात्रा दो दिन की होगी।
विकास मालवीय के मुताबिक सुबह नाश्ते से लेकर, दोपहर का खाना और शाम का नास्ता भी रहेगा। 200 किलोमीटर की गंगा यात्रा में लाइव म्यूजिक के साथ पर्यटक भारत की समृद्ध विरासत वाली ऐतिहासिक किला भी देखेंगे। साथ में अनुभवी टूरिस्ट गाइड की टीम भी इस गौरवशाली यात्रा की जानकारी देंगे। 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाला क्रूज वातानुकूलित और सुरक्षा की दृष्टि से ये अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है।