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Exclusive: वाराणसी में रोज पांच महिलाएं हो रहीं हिंसा की शिकार, हर 15 दिन में दुष्कर्म; चौंकाने वाले आंकड़े

Thu, 08 Jan 2026 04:05 PM IST
प्रगति चंद रवि प्रकाश सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी।

सार

Varanasi Crime News: वाराणसी जिले में एक साल में अलग-अलग थानों में महिला अपराध से जुड़े 1686 मामले दर्ज किए गए। यहां रोज पांच महिलाएं   हिंसा की शिकार हो रही हैं। वहीं हर 15 दिन में दुष्कर्म की घटना सामने आई।  
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women crime - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कमिश्नरेट पुलिस की ओर से महिला अपराध की रोकथाम और तुरंत कार्रवाई के दावों के बाद भी एक साल में अलग-अलग थानों में महिला अपराध से जुड़े 1686 मामले दर्ज किए गए। इनमें घरेलू हिंसा, मारपीट, उत्पीड़न, छेड़खानी, पॉक्सो और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, औसतन रोज पांच महिलाएं किसी न किसी रूप में हिंसा का शिकार हुईं। वहीं, साल भर में 27 दुष्कर्म के मामले सामने आए, यानी हर 15 दिन में एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना हुई। 

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कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद 284 महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हो चुकी हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि 2025 में दुष्कर्म के मामलों में बीते साल से कमी आई है। महिलाओं से छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट से जुड़े अपराध का आंकड़ा प्रतिदिन दो का है। एक साल में ऐसे 910 मामले सामने आए, जिनमें विवेचना के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। 

दुष्कर्म से जुड़े मामलों में 509 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई, जबकि 448 पॉक्सो के मामलों में आरोपियों को जेल भेजा गया। घर में भी महिलाओं को प्रताड़ित किया गया। इस तरह के 617 मामले मिशन शक्ति केंद्रों पर आए। कुछ का निस्तारण हुआ, कुछ को कानूनी सहायता मिली जबकि 92 पीड़िताओं को मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई गई। 
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महिला अपराध से जुड़े मामलों की विवेचना के दौरान 1054 अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई में 381 मामलों में फाइनल रिपोर्ट दाखिल की गई। 106 आरोपियों पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, कुछ मामलों में काउंसिलिंग, समझौते या प्रारंभिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी।  

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सिर्फ 67 मामलों में ही सजा

पुलिस जांच और अदालती प्रक्रिया के बाद 2025 में महिला अपराध से जुड़े केवल 67 मामलों में सजा हो सकी। दुष्कर्म के दो, पॉक्सो के 52 और दहेज हत्या के 11 मामलों में दोषियों को सजा सुनाई गई। शेष मामले न्यायालय में लंबित हैं या विवेचना प्रक्रिया में है।

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565 अपहृत महिलाओं और बालिकाएं मिलीं
महिला संबंधी अपराधों के तहत दो साल में पुलिस ने 565 अपहृत महिलाओं और बालिकाओं को बरामद किया। पुलिस का कहना है कि अधिकांश मामले बहला-फुसलाकर ले जाने, सोशल मीडिया से संपर्क या परिचय व रिश्तेदारी के दायरे में बने संबंधों से जुड़े थे। कई मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कुछ अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
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