अभियोजन ने अदालत में दलील दी कि अभियुक्त ने घर में पत्नी पर बेरहमी से डंडे से मार-मार कर उसकी हत्या कर दी। दो नाबालिग बच्चे बगैर मां के हो गए। इसलिए उसे कठोरतम दंड दिया जाए।
अदालत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि दुर्लभ से दुर्लभतम मामला वहां है, जहां दोष सिद्ध व्यक्ति समाज के सह-अस्तित्व और सौहार्दपूर्ण संबंध के लिए एक खतरे के समान हो। अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो, वह दुर्लभ से दुर्लभतम मामले में तब तक नहीं आता, जब तक कि वह समाज के लिए घातक न हो। इस मामले में अभियुक्त को सश्रम आजीवन कारावास और जुर्माने से न्याय की मंशा की पूर्ति होती है।
नशीले पदार्थ की बरामदगी के मामले में चार साल की कैद
अपर सत्र न्यायाधीश-9 विनोद कुमार की अदालत ने 75 ग्राम अल्प्राजोलम की बरामदगी के जीआरपी कैंट थाने के एक मामले में भदोही के सिविल लाइन, जलालपुर निवासी सोनू उर्फ सारिक साईं को दोषी पाया है।
अदालत ने अभियुक्त को एनडीपीएस एक्ट के तहत चार साल की सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। सोनू को चार अक्तूबर 2010 के मंडुवाडीह स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार से उप निरीक्षक शिव कुमार सिंह ने गिरफ्तार किया था।