Varanasi News: कोर्ट ने वारंट निरस्त कर अगली सुनवाई के लिए एक जुलाई की तिथि नियत की है। पिछले दिनों कोर्ट ने रेलवे बोर्ड की ओर से केस वापस लेने संबंधित अभियोजन की अर्जी खारिज कर दी थी। साथ ही रेल प्रशासन पर गंभीर टिप्पणी भी की थी।
रेलवे फाटक बंदकर ट्रैक बाधित करने के मामले में आरोपी मंगलवार को रेलवे मजिस्ट्रेट (पूर्वोत्तर) महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में पेश हुआ। आरोपी तुलसीपुर निवासी पूर्व पार्षद पुन्नूलाल की ओर से वारंट रिकॉल करने की गुहार लगाई गई।
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अदालत ने आदेश में कहा था कि तत्कालीन सहायक सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल, मंडल सुरक्षा आयुक्त व प्रभारी निरीक्षक रेलवे सुरक्षा बल, मंडुवाडीह और तत्कालीन लोक अभियोजक ने जानबूझकर केस की वापसी का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर घोर लापरवाही बरती है। अपेक्षा है कि इस प्रकार की त्रुटि की पुनरावृति नहीं करेंगे।
मंडुवाडीह ओवरब्रिज चालू होने के बाद रेलवे प्रशासन ने फाटक बंद कर दिया था, इससे ओवरब्रिज के नीचे से आवागमन बंद हो गया था। लोगों ने ट्रैक पर बोल्डर डालकर रेल यातायात बाधित कर प्रदर्शन किया था। रेलवे प्रशासन ने तीन आरोपियों समेत 25 लोगों पर केस दर्ज कराया गया था। 22 आरोपी पूर्व में ही जुर्म स्वीकार कर अर्थदंड अदाकर मुकदमा निस्तारित करा चुके हैं।