सूबे के अन्य जिलों में निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों का तो पता चल पाया लेकिन वाराणसी में नहीं। जिला प्रशासन और सीएमओ ऐसे डाक्टरों को नहीं खोज सके हैं।
डीएम योेगेश्वर राम मिश्रा ने इसके लिए सीएमओ को निर्देश देने के साथ ही गोपनीय जांच कराने का दावा किया था। अब तक न तो ऐसे डॉक्टर चिह्नित नहीं किए जा सके हैं। न ही गोपनीय जांच का कुछ पता है।
सूबे के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शनिवार को सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया था कि सूबे में 270 निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों का पता लगाया गया है। ऐसे डॉक्टरों को हिदायत देने के साथ ही सुधरने के लिए वक्त दिया गया है।
वाराणसी में निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों के सवाल पर उन्होंने सीएमओ डा. वीबी सिंह की तरफ देखते हुए कहा कि अब तक यहां से कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। बता दें कि जिले में निजी प्रैक्टिस करने वालों की तलाश करीब 20 दिन से हो रही है।
पूरा अमला लगा है लेकिन अब तक निजी प्रैक्टिस करने वाले एक भी डॉक्टर चिह्नित नहीं किए जा सके हैं।