ब्लॉक के चंद गांवों में ही चल रहीं गाड़ियां
ब्लॉक के नियार, अजगरा, ढाका, कैथी, धरसौना, खरदहा, खनुआन, तिलमापुर, रूपचंदपुर, मोहनडीह, भरतपुर, बेला, बवियांव, मगरहुआ, लटौनी और रसड़ा जैसे चुनिंदा गांवों में ही गाड़ियां सड़क पर दिखती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इनमें से कई जगहों पर सिस्टम पूरी तरह फेल है और प्राइवेट लोग अपने स्तर से इसे चला रहे हैं। बाकी के दर्जनों गांवों में गाड़ियां कहां हैं और किस हाल में हैं, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
89 ग्राम पंचायतों में इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदी गई थीं। 2023 से अब तक लापरवाही के कारण सचिवों का वेतन भी रोका गया, फिर भी योजना पूरी तरह संचालित नहीं हुई। प्रधान तत्परता नहीं दिखा रहे हैं। कई गाड़ियां खराब हुईं, जिनकी मरम्मत पर भी धनराशि खर्च हो रही है। - अंशुमान सिंह, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), चोलापुर