दस लाख बजट के बाद भी 100 वार्डों में मच्छर कम नहीं हो रहे हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही शहर में मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। ज्यादा दिक्कत नवविस्तारित इलाकों से आ रही है। यहां रहने वालों के अनुसार यहां मच्छरों की भरमार है। क्षेत्र बड़ा होने के कारण यहां फॉगिंग नियमित करने की आवश्यकता है। लेकिन, शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
हर वार्ड के लिए एक फॉगिंग मशीन की व्यवस्था के बाद भी मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। कई खाली प्लॉटों में पानी भरा हुआ है। इससे मच्छरों के बढ़ने के साथ ही डेंगू मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। पिछले दिनों नगर निगम से 50 हॉटस्पॉट चिह्नित किए थे। जहां पार्षदों की मदद से फॉगिंग कराई जा रही है। हर वार्ड के लिए 2 लीटर डीजल और 2 लीटर पेट्रोल की व्यवस्था की गई है।