जानकी घाट के सामने सोमवार को खोजबीन करते नाविक।
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वाराणसी में भदैनी घाट के सामने रविवार शाम गंगा में नाव डूबने के बाद लापता हुए चार युवकों की खोजबीन के लिए अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होकर एनडीआरएफ के 20 से ज्यादा जवान घाट पहुंचे। हालांकि इन जवानों के उपकरण और सूझबूझ सोमवार को 18 घंटे बाद भी काम नहीं आई।
स्थानीय नाविकों ने गंगा में अपना जाल डाल कर सोमवार को चार युवकों का शव बाहर निकाला। इसे लेकर भदैनी और आसपास के गंगा घाटों में खासी चर्चा रही। लोगों का कहना था कि गंगापुत्र ही गंगा को अच्छे से समझते हैं। उनके अलावा काशी में गंगा में किसी की सूझबूझ काम नहीं आती है। वहीं, इंस्पेक्टर भेलूपुर अमित कुमार मिश्रा ने कहा कि नाविक भरत साहनी, संतोष, सरोज, गजानंद, कल्लू, पप्पू, नीरज, अरुण, गुड्डू, विष्णु, प्रमोद आदि ने निःस्वार्थ भाव से इस घटना में पुलिस की बहुत मदद की है। इन सभी नाविकों को जिलाधिकारी और एसएसपी से पुरस्कार दिलाने के लिए जल्द ही संस्तुति की जाएगी।