दीपावली की रात आतिशबाजी के कारण बनारस की हवा जहरीली हो गई। सबसे अधिक प्रदूषित इलाका शिवपुर रहा। दीपावली के बाद धुंध की चादर से छा गई थी। सोनारपुरा, पांडेयपुर और मैदागिन भी प्रदूषित रहे। सीपीसीबी के अनुसार, दीपावली की रात बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स 304 दर्ज किया गया था। जो कि रेड जोन में आता है।
क्लाइमेट एजेंडा संस्था ने दीपावली की रात दो बजे से शुुक्रवार सुबह आठ बजे तक शहर में 10 जगहों पर प्रदूषण की जांच की। शनिवार को जारी आंकड़ाें के अनुसार शिवपुर सबसे अधिक, इसके बाद सोनारपुरा, पांडेयपुर और मैदागिन में प्रदूषण रहा। पिछले साल की तरह रवींद्रपुरी, लंका का इलाका तुलनात्मक रूप से साफ रहा। शिवपुर में पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 798 यूनिट प्रति घन मीटर पहुंच गई जो सरकार द्वारा निर्धारित स्तर से आठ गुना अधिक था। पीएम 2.5 का स्तर 401 दर्ज किया जो कि साढ़े छह गुना अधिक रहा।
संस्था की एकता शेखर ने बताया कि दीपावली के बाद के यह आंकड़े स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। प्रबंधन में कमी के कारण आम लोग कचरा जलाने को बाध्य हैं। आंकड़े बताते हैं कि शहरी कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से मौजूद संकट और सड़कों की धूल ने पटाखों से पैदा होने वाले प्रदूषण को कई गुना बढ़ा दिया।
मलदहिया रहा सबसे अधिक प्रदूषित
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शनिवार को बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स 194 दर्ज किया गया। सबसे अधिक प्रदूषित इलाका मलदहिया था जहां एक्यूआई 240, भेलूपुर में 219, बीएचयू में 168 और अर्दली बाजार का एक्यूआई 151 रहा।
नगर निगम ने कराया पानी का छिड़काव
वाराणसी। शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद नगर निगम की ओर से शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया गया। टैंकरों से मुख्य मार्ग पर पानी छिड़ककर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।