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गजब हाल है: बिना इंश्योरेंस के सड़क पर दौड़ रहीं रोडवेज की 80 प्रतिशत बसें, रोज हजारों यात्री कर रहे सफर

Sat, 22 Nov 2025 11:26 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में 80 प्रतिशत रोडवेज की बसें बिना इंश्योरेंस के सड़क पर दौड़ रही हैं। इनमें से किसी का तीन तो, किसी का छह महीने से बीमा नहीं हुआ। प्रतिदिन हजारों यात्रियों को ये बसें ढोती हैं। 
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Roadways Bus - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी जिले में उत्तर प्रदेश परिवहन की 80 प्रतिशत बसें बिना बीमा के सड़क पर धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। वहीं कई बसें ऐसी हैं जो अपनी मियाद पूरी कर चुकी हैं। बावजूद इसके इन बसों पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है। जबकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि छह माह पहले 30 कंडम बसों को हटवाया गया था। वाराणसी से चलने वाली किसी बस का बीमा छह माह तो किसी का तीन महीने से फेल है।

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कैंट स्थित रोडवेज बस स्टेशन पर शुक्रवार को पड़ताल में गड़बड़ी सामने आई है। कैंट से वर्तमान में बनारस और आसपास के जिलों में 7 डिपो से 623 बसों का संचालन हो रहा है। इनमें करीब 500 बसों का बीमा ही नहीं है। वहीं कई का प्रदूषण सर्टिफिकेट ही फेल है। इसमें कई बसें ऐसी हैं, जिनका कई बार चालान तक कट चुका है। बावजूद इसके बसें यात्रियों को लाने और ले जाने का काम कर रही हैं।

केस-1

वाराणसी से गाजीपुर के लिए चलने वाली गाजीपुर डिपो की बस (यूपी 65 एफटी 0294) का बीमा फेल रहा। इस बस का 10 से अधिक बार चालान भी हो चुका है। जिसमें सबसे अधिक चालक द्वारा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चालान किया गया है। इतनी बार चालान होने के बावजूद बस यात्रियों को लाने और ले जाने का काम कर रही है।

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केस-2
वाराणसी से गोपीगंज के रास्ते प्रयागराज जाने वाली ग्रामीण डिपो की बस (यूपी 63 टी 8078) का प्रदूषण सर्टिफिकेट बीते 27 सितंबर को एक्सपायर हो चुका है। यह बस 10 वर्ष से अधिक पुरानी है। इसका 6 वर्षों में 11 बार चालान किया जा चुका है। एक भी चालान की राशि जमा नहीं की गई है। इसमें सबसे अधिक बार चालान तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने पर हुआ है।

केस-3
वाराणसी से जौनपुर और सुल्तानपुर के रास्ते लखनऊ तक जाने वाली बस (यूपी 65 एफटी 1090) खटारा हो चुकी है। इस बस का बीमा काफी पहले ही एक्सपायर हो चुका है। इसका चार बार चालान भी हो चुका है। लेकिन एक भी राशि आरटीओ में जमा नहीं की गई है।
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बसों में गंदगी की भरमार

रोडवेज की बसों में गंदगी और दुर्व्यवस्था की भी भरमार है। कहीं पान की पीक तो कहीं पर गंदगी नजर आ रही है। इन बसों से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जिले में यात्रियों की सुविधा के लिए 623 बसें चलाई जा रही हैं। यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। बावजूद इसके, रोडवेज बसों में गंदगी बिखरी रहती है।

क्या कहते हैं अधिकारी
विभाग की ओर से समय-समय पर अभियान चलाकर कंडम बसों को हटवाया जाता है। 6 माह पहले 30 बसें हटाई गई थी। सरकारी बसों को बीमा की आवश्यकता नहीं है। -परशुराम पांडेय, क्षेत्रीय प्रबंधक

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