बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके मौर्या के अनुसार, बच्चों के लिए मौसम ज्यादा सावधानी बरतने वाला होता है। उन्हें जरूरत के हिसाब से गर्म कपड़ा भी पहनाना चाहिए। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. मनीष यादव ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में ज्यादातर बुखार, सर्दी, जुकाम और दर्द की समस्या लेकर आए। कुछ लोगों को चेस्ट एक्सरे, खून जांच कराने की सलाह दी गई।
मंगलपुर गांव में अक्तूबर में बुखार, जोड़ों में दर्द से चार लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन दिन तक विशेष अभियान चलाया गया। 150 लोगों के खून का सैंपल लेकर जांच कराई गई।
बुखार में कम होता है प्लेटलेट्स घबराने की जरूरत नहीं
सीएमओ डॉ. एनपी सिंह का कहना है कि मौसम में बदलाव से ही बुखार, जोड़ों में दर्द की समस्या कुछ लोगों को होती है। बुखार वाले कुछ मरीजों का प्लेटलेट्स भी कम होता है। इससे किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। सभी अस्पतालों में फीवर हेल्प डेस्क से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ओपीडी में डॉक्टरों को जरूरी दवाइयों के साथ ही लोगों को बचाव के उपाय बताए जाने को भी कहा गया है।