कज्जाकपुरा : दूसरी लेन में दौड़ाते हैं बाइक
कज्जाकपुरा आरओबी पर बाइक सवार दूसरी लेन में दौड़ते नजर आते हैं। शाम छह से नौ बजे के बीच पुलिसकर्मी दिख जाएंगे लेकिन दिन में नहीं नजर आएंगे। इसका फायदा रॉन्ग साइड से जाने वाले वाहन चालक उठाते हैं। रात 10 बजे के बाद उल्टी दिशा में चलने वालों की संख्या ज्यादा होती है। ओवर स्पीड से हादसे होते हैं। रोजाना करीब आठ हजार वाहन गुजरते हैं।
लहरतारा : रॉन्ग साइड से लगता है जाम
कैंट-लहरतारा ओवरब्रिज पर चौकाघाट की ओर जाने वाले वाहन चालक दूसरी लेन का इस्तेमाल करते हैं। पुलिस की सख्ती न होने से वाहन चालकों ने खुद की सुविधा के अनुसार नियम बना लिए हैं। जाम लगने पर रॉन्ग साइड पकड़ लेते हैं। इससे जाम की समस्या और गहरा जाती है। करीब आठ हजार वाहनों का आना-जाना होता है।
चौकाघाट : देर रात बाइकर्स की स्टंटबाजी, ओवरस्पीड से हादसे
कैंट-चौकाघाट ओवरब्रिज माल गोदाम संपर्क मार्ग पर महज एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी की तैनाती है लेकिन ओवारब्रिज के रास्ते पर एक भी पुलिसकर्मी नहीं है। रॉन्ग साइड से फर्राटा भरने वालों की संख्या ज्यादा रहती है। रोपवे और कैंट स्टेशन के साथ रील, फोटो और वीडियो बनाने के लिए जाते हैं फिर उल्टी दिशा से लौटकर आते हैं।
फुलवरिया : टायर किलर ही उखाड़ कर फेंक दिया, हो रहे हैं हादसे
बौलिया तिराहे से फुलवरिया ओवरब्रिज की तरफ जाने वालों को टायर किलर से बचकर निकलना पड़ता था। यातायात पुलिस का उद्देश्य था कि रॉन्ग साइड से आने से हादसे होते हैं। हादसे रोकने में टायर किलर कारगर साबित होगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रॉन्ग साइट से जाने वालों ने टायर किलर उखाड़ कर फेंक दिया। अब फुलवरिया से लहरतारा की तरफ आने वाले वाहन चालक भी यू टर्न लेकर बौलिया की तरफ जा रहे हैं। मंडुवाडीह की तरफ से आने वाले वाहन भी बौलिया की तरफ से मोड़ दिए जा रहे हैं। इस पॉइंट पर कई हादसे हो चुके हैं। फुलवरिया से सेंट्रल जेल रोड बीच एक भी पुलिसकर्मी या ट्रैफिक पुलिस की तैनाती नहीं है।
ककरमत्ता : एक महीने में पांच हादसे, एक की मौत
मंडुवाडीह से ककरमत्ता और भिखारीपुर तिराहे से ककरमत्ता ओवरब्रिज पर जाने वाले वाहन चालक रॉन्ग साइड से आते-जाते हैं। इस ओवरब्रिज पर एक महीने के अंदर पांच हादसे हो चुके हैं। इनमें एक की मौत हुई थी। 17 अगस्त की देर रात ही हादसे में युवक की जान चली गई थी। इस ओवरब्रिज के आसपास भी पुलिस कर्मियों की तैनाती नहीं रहती है। मंडुवाडीह चौराहे पर पुलिसकर्मी जरूर रहते हैं लेकिन वे ओवरब्रिज पर नियम तोड़ने वालों को नहीं पकड़ पाते हैं। ओवर स्पीड की समस्या रहती है। रोजाना करीब आठ हजार वाहन इस ओवरब्रिज से गुजरते हैं।