रेलवे की ओर से मार्च में रांची-वाराणसी रूट पर 20887/20888 वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू हुआ है। यूपी, बिहार और झारखंड के बीच छह स्टेशनों पर ठहराव वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में चेयर कार का किराया 1500 और एग्जीक्यूटिव क्लास का किराया 2725 रुपये है। आठ घंटे में वाराणसी-रांची का सफर इस ट्रेन से पूरा होता है। अन्य ट्रेनें 12 से 13 घंटे का समय लेती हैं। हालांकि, किराया ज्यादा होने की वजह से यात्रियों का झुकाव इस ओर ज्यादा नहीं है।
रांची-बनारस और रांची-एलटीटी सहित अन्य ट्रेन में थर्ड एसी का किराया 800-900 के बीच है। इस कारण भी यात्री इन ट्रेनों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। 21 अगस्त से लेकर अगले 15 दिनों तक वंदे भारत के दोनों क्लास में सीटें खाली हैं। जबकि रांची-बनारस और रांची-एलटीटी में 26 अगस्त तक वेटिंग टिकट है। त्योहार के समय भी वंदे भारत खाली जा रही है।
मार्च में ही पटना-लखनऊ वाया वाराणसी रूट पर 22345/22346 वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू हुआ। अयोध्या धाम को जोड़ने वाली इस ट्रेन में शुरू के समय तो यात्रियों का दबाव काफी रहा लेकिन अब इस ट्रेन में भी यात्रियों की कमी हो गई है।
खास बात कि वाराणसी से पटना तक इस ट्रेन में सीटें खाली रह रही है लेकिन अयोध्या-वाराणसी के बीच सीटें तुरंत भर जा रही हैं। वाराणसी से पटना के बीच 21 अगस्त को ही वंदे भारत के दोनों क्लास में सीटें खाली हैं। जबकि उसी दिन 21 अगस्त को ही अयोध्या से वाराणसी के बीच वंदे भारत के दोनों क्लास में लंबी वेटिंग हैं, जो 31 अगस्त तक बनी हुई है।
22435/22436 वंदे भारत का संचालन 2019 में वाराणसी-नई दिल्ली के बीच शुरू हुआ था। पांच साल से इस ट्रेन में यात्रियों दबाव बरकरार है। दोनों तरफ से यात्रियों का दबाव अधिक है। यात्रियों के दबाव को देखते हुए ही वाराणसी-नई दिल्ली रूट पर पिछले साल 18 दिसंबर 2023 को 22415/224416 वंदे भारत एक्सप्रेस की दूसरी ट्रेन भी शुरू हुई। सुबह छह बजे और अपराह्न 3 बजे कैंट स्टेशन से दिल्ली के लिए ट्रेन खुलती है। उधर, दिल्ली से भी सुबह 6 बजे और अपराह्न 3 बजे खुलती है। सुबह के समय और अपराह्न के समय दोनों तरफ से ट्रेन को यात्री मिल रहे हैं।