सनातनी नववर्ष की पहली अमावस्या दो दिन पड़ रही है। सात मई को लोग पितरों का तर्पण कर सुख-शांति की कामना करेंगे। आठ मई को स्नान दान करेंगे। इस वैशाख अमावस्या की तिथि पर आठ मई को तीन योग और दो लग्न बन रहे हैं। जबकि सात मई को तीन शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इसके चलते ये और फलदायी बन रहा है।
हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास की अमावस्या तिथि दो दिन मनाई जाएगी। ज्योतिषविद विमल जैन ने बताया कि तिथियों के न मिलने और शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू होने से अमावस्या तिथि दो दिन लग रही है। क्योंकि, श्राद्ध कर्म दोपहर में ही होते हैं इसलिए अमावस्या तिथि नहीं मिल पा रही है और प्रतिपदा तिथि में श्राद्ध कर्म नहीं हो सकते हैं। ऐसे में श्राद्ध कर्म करने के लिए सात और स्नान दान के लिए आठ को अमावस्या तिथि मान्य है।
आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री व आचार्य शुभम मिश्रा के अनुसार की वैशाख मास की कृष्णपक्ष की अमावस्या तिथि सात मई को सुबह 10:35 बजे से शुरू होकर आठ मई को सुबह 8:34 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार वैशाख अमावस्या आठ मई को है। इस दिन शुभ, सौभाग्य और सर्वार्थ सिद्धि योग तथा मेष (सुबह 5:48 बजे) और वृष (8:34 बजे) लग्न बन रहा है। इस दिन स्नान-दान व पुण्य कर्म होंगे। जबकि सात मई को दर्श अमावस्या पर तीन मुहूर्त पर पड़ रहे हैं।