प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में साइक्लिंग खेल को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली के बाद अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर उत्तर प्रदेश का पहला साइक्लिंग ट्रैक वाराणसी में बनाया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय साइकिलिंग संघ के सदस्यों ने मंगलवार को वाराणसी में इसकी संभावनों पर विचार विमर्श किया। ट्रैक के निर्माण में इटली से आयातित लकड़ी का प्रयोग किया जाता है।
साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव एवं उत्तर प्रदेश साइक्लिंग संघ के महासचिव आरके गुप्ता ने बताया कि वाराणसी में काशी स्पोर्ट्स सिटी योजना के तहत वुडन इंडोर साइक्लिंग ट्रैक के निर्माण का प्रस्ताव वाराणसी विकास प्राधिकरण को दिया गया है। अभी तक पूरे भारत में केवल दिल्ली में ऐसी व्यवस्था है। उत्तर प्रदेश में अभी तक किसी जनपद में साइक्लिंग ट्रैक नहीं है। यहां के खिलाड़ियों को दूसरे प्रदेशों का रुख करना पड़ता है। हमारा प्रयास है कि वाराणसी में इस तरह का ट्रैक बने। हर मौसम में इसमें खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगे। साथ ही इस में अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग स्पर्धाएं भी कराई जाएंगी।
वाराणसी में यूथ, सब जूनियर और जूनियर वर्ग में बालक बालिका की साइकिलिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वाराणसी पहुंचने पर जिला साइकिलिंग संघ के अध्यक्ष डॉ. एके सिंह और सचिव डॉ. शम्स तबरेज शैंपू ने साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव आरके गुप्ता का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
यूपी साइकिलिंग संघ भेजेगा कोच
खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए उत्तर प्रदेश साइकिलिंग संघ वाराणसी में कोच भी नियुक्त करेगा। संघ की ओर से रोड साइकिलिंग और माउंटेन बाइक साइकिलिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। माउंटेन बाइक साइकिलिंग के लिए विंध्याचल की पहाड़ियों पर अभ्यास कराया जाएगा। भारतीय सेना और भारतीय रेल भी साइकिलिंग के खिलाड़ियों को नौकरी भी दे रही है। इससे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलता है।