देश-दुनिया को काशी का महत्व बताएगी ‘काशी सर्वप्रकाशिका’
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राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि काशी दुनिया की धर्म और संस्कृति नगरी है। मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण के संपादन में हिंदी अनुवादित पुस्तक ‘काशी सर्वप्रकाशिका’ भावी पीढ़ी और देश-दुनिया के लोगों को काशी की धार्मिकता और पौराणिकता से परिचित कराएगी। वह शुक्रवार को जंगमबाड़ी मठ में पुस्तक के लोकार्पण अवसर पर बोल रहे थे।
काशी सर्वप्रकाशिका शिवार्पण समारोह में राज्यपाल ने कहा कि 1585 में पंडित श्रीनारायण भट्ट ने अपनी पुस्तक ‘त्रिस्थलीसेतु:’ में काशी का वर्णन किया है। पांच सौ साल पुराने काशी का ग्रंथ अब दुर्लभ हो चुका है।
काशी के लोग, युवा पीढ़ी इससे वंचित हो रही थी। लेकिन मंडलायुक्त ने एक प्रशासनिक अफसर के रूप में काम करते हुए पुस्तक का हिंदी रूपांतरण करा कर काशी के बारे में लोगों को सहज तरीके से जानकारी मुहैया कराने का अवसर दिया है। इस पुस्तक में बाबा विश्वनाथ और मंदिर की महत्ता आदि का उल्लेख किया गया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि पुस्तक को खरीदें और पढ़ें।
जंगमबाड़ी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरू डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य ने पुस्तक के हिंदी अनुवाद के लिए आशीर्वाद दिए। उन्होेंने कहा कि मान्यता है कि काशी में आठ करोड़ शिवलिंग हैं, उसमें एक करोड़ शिवलिंग तो मठ में मौजूद हैं। मंडलायुक्त ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि पिछले साल वह मठ में आए थे।
तब पता चला कि काशी वर्णित एक पुस्तक विलुप्त हो रही है। पुस्तक की जानकारी लोगों तक पहुंचे, इसी उद्देश्य से मठ प्रबंधन और प्रकाशक शारदा संस्कृत संस्थान के विनोद पाठक तथा डॉ. गिरीश दत्त पांडेय के सहयोग से हिंदी अनुवाद कराया गया।