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अमेरिका में ट्रंप लाएंगे रामराज्य: BHU में प्रवासी भारतीय की क्लास में चर्चा, प्रोफेसर ने समझाया चुनाव कनेक्शन

Thu, 07 Nov 2024 10:47 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बीएचयू में प्रवासी भारतीय की क्लास में अमेरिका चुनाव में ट्रंप की जीत पर चर्चा हुई। इस दौरान प्रोफेसर ने छात्रों को चुनाव का कनेक्शन समझाया। ट्रंप के समर्थन में भारतीयों ने रामराज्य की बात चलाई। कहा कि ट्रंप राम राज्य लाएंगे। 
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डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव प्रचार में रामराज्य की तख्ती के साथ प्रशंसक। - फोटो : स्वयं
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विस्तार
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अमेरिका चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के कई फैक्टर्स हैं। इन दिनों ट्रंप के रामराज्य पर बड़ी चर्चा है। बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र में प्रवासी भारतीय के शॉर्ट-टर्म कोर्स की क्लास में इसी बात पर चर्चा हुई। इतिहास के प्रोफेसर ने बताया कि अमेरिकी चुनाव में ट्रंप के प्रशंसकों ने जो तख्ती पकड़ी थी, उस पर लिखा था, 'ट्रंप ब्रिंगिंग राम राज्य' यानी 'ट्रंप रामराज्य ला रहे हैं।' वहां पर ट्रंप के पक्ष में बोला जा रहा है कि वो राम राज्य लाएंगे।

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बीएचयू के इतिहास विभाग के डॉ. घनश्याम ने पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन से छात्रों को भारतीय मूल के अमेरिकी पर लेक्चर दिया। उन्होंने भारतीयों और वहां के चुनाव कनेक्शन को समझाया। बताया गया कि दुनिया में सबसे ज्यादा 44 लाख 60 हजार भारतीय अमेरिका में हैं।

अमेरिका में तकनीक और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में प्राइम लोगों में 10 प्रतिशत भारतीय ही हैं। चिंता जताई गई कि कई भारतीय अमेरिका में कम वेतन पर भी काम करने के लिए तैयार हो जा रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए।

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कानून ने दी 100 भारतीयों को अमेरिका में बसने की अनुमति

भारतीय लोगों का अमेरिका प्रवास पिछले 80 साल से हो रहा है। सबसे पहले अमेरिका के वेस्ट कोस्ट में भारतीय लोग पहुंचे। ल्यूस-सेलर कानून-1946 के तहत 100 भारतीयों को अमेरिका में बसने के लिए कोटा बना दिया गया। बिना परिवार वाले और उच्च कौशल वाले लोगों ने तेजी से अमेरिका की ओर प्रवास किया।

तीन चरण में भारतीय बने अमेरिकी नागरिक
प्रोफेसर ने समझाया कि समय के अनुसार, तीन चरणों में प्रवास हुआ। 1965 से 1979 के बीच तेजी से प्रवास हुआ। डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, एकेडमिशियन, वैज्ञानिक और इंटरप्रेन्योर अमेरिका में जाकर बसे। दूसरा फेज 1980 से 1994 के बीच आया। परिवार वाले लोगों का अमेरिका की ओर प्रवास हुआ। तीसरा फेज 1995 के बाद से अब तक जारी है। इसमें उच्च शिक्षा और उच्च आय वाले लोग अमेरिका में बसे। अब पिछले फेज में गए कई भारतीयों के वंशज अब बड़े उद्यमी भी बन गए हैं।
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