हंगामे की सूचना पाकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य मौके पर पहुंचे और शांत कराने की कोशिश की। मामले में बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता ने कहा कि पूछताछ में पता चला कि यह कलर्कियल मिस्टेक है। गलती से रजिस्टर में फिमेल की जगह मेल लिख दिया गया था। जिसे बाद में सुधारा गया। परिजनों की मांग पर डीएनए जांच कराया जाएगा। एक सैंपल हैदराबाद और दूसरा स्थानीय स्तर भेजा जाएगा।