पिंडरा निवासी सुखराम पटेल के अनुसार सात साल पहले इंडस वेयर कंपनी में 40 लाख निवेश किया था। लुभावने ऑफर देकर धन दोगुना का झांसा देकर ठगी की गई और 2016 में कंपनी ने अपना ऑफिस बंद कर रातों रात भाग निकली।
लोगों से 300 करोड़ की फ्रॉडगिरी करने वाली इंडस वेयर कंपनी पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मामले में मास्टरमाइंड समेत सात लोगों पर जहां एक औऱ मुकदमा दर्ज किया गया है वहीं टॉस्क फोर्स को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। यही नहीं टॉस्क फोर्स पीड़ितों को उनके रुपये वापस दिलवाने में भी मदद करेगी।
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सोमवार की रात फ्रॉड गिरोह के मास्टरमाइंड अरूणेश सीता , बाल चन्द्र समेत सात आरोपियों के खिलाफ चेतगंज थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया।
पिंडरा के रहने वाले पीड़ित सुखराम पटेल की तहरीर पर यह कार्रवाई हुई है।
धन दोगुना होने के झांसे पर 40 लाख किया निवेश
पिंडरा निवासी सुखराम पटेल के अनुसार सात साल पहले इंडस वेयर कंपनी में 40 लाख निवेश किया था। लुभावने ऑफर देकर धन दोगुना का झांसा देकर ठगी की गई और 2016 में कंपनी ने अपना ऑफिस बंद कर रातों रात भाग निकली।
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कंपनी के सीएमडी अरुणेश की गिरफ्तारी के बाद पीड़ितों में न्याय की उम्मीद की किरण जागी है। पीड़ित लोगों ने संपर्क करना शुरू कर दिया है। इस कंपनी द्वारा रियल एस्टेट में जितने भी जमीन व प्रॉपर्टी खरीदी गई हैं उनका डॉक्यूमेंटेशन कराया जाएगा। -ए सतीश गणेश,पुलिस आयुक्त