वाराणसी की पहड़िया मंडी निर्माण में भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले डीडीसी रामनरेश सोनकर खुद जांच में दोषी पाए गए हैं। पांडेयपुर निवासी प्रमोद सिंह के आरोपों पर हुई जांच में संयुक्त निदेशक निर्माण पीसी जैन ने 32.64 लाख रुपये गबन पकड़ा है।
जांच के बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि डीडीसी के खिलाफ कदाचार, धोखाधड़ी, सरकारी धन का दुरुपयोग, प्रथम दृष्टया सिद्ध होता है। इनकी हरकत से मंडी परिषद को 32.64 लाख रुपये की क्षति हुई है। जिसकी वसूली करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए दंड देने की संस्तुति की जाती है।
मुख्यालय से डीडीसी का स्थानांतरण मिर्जापुर किया गया था। वे वहां नहीं गए और यहीं रह गए। इस मामले में भी शासन के उच्चाधिकारियों ने सवाल उठाया कि जब शासन से वाराणसी की तैनाती का आदेश नहीं हुआ तो फिर बगैर आदेश के वाराणसी में कैसे काम कर रहे हैं।
यही नही टेंडर मामले में भी सवाल उठाया गया है कि पूर्व के अधिकारियों के काम पर सवाल उठाकर अपने लोगों को टेंडर दिलाने के फिराक में कार्य कर रहे हैं। इस मामले में निदेशक से लेकर मंत्री तक से शिकायत हो चुकी है। लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने पर शासन की नीतियों पर सवाल खड़ा हो रहा है। वहीं डीडीसी रामनरेश सोनकर ने बताया कि संयुक्त निदेशक खुद जांच में दोषी है। वह हमारी जांच कैसे कर सकते हैं। इस मामले में निदेशक को पत्र लिखा गया है।