एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी समर बहादुर सिंह उर्फ मोनू ने बताया कि वह 4-5 साल पहले वाराणसी में ट्रैवल की कार चलाता था। इसी दौरान उसका संपर्क कार चालक राहुल सिंह निवासी राजातालाब (दुर्घटना में मृत) से हुई। राहुल सिंह ने बताया था कि वह मुंगेर (बिहार) के असलहा तस्कर गोविंद साव निवासी कटरिया थाना मुंगेर (बिहार) को जानता है। वह असलहों का बड़ा सप्लायर है। उससे असलहा लेकर बेचने पर काफी पैसा कमाया जा सकता है।
राहुल सिंह के माध्यम से असलहा तस्कर रोहतास (बिहार) निवासी उत्तम सिंह से भी संपर्क में आया। इसके बाद हम दोनों असलहों की तस्करी करने लगे। वर्ष 2023 में समर बहादुर सिंह उर्फ मोनू को थाना इलिया चंदौली पुलिस द्वारा आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। समर बहादुर सिंह उर्फ मोनू असलहा तस्कर उत्तम सिंह के साथ मिलकर फिर तस्करी का काम करने लगा।
यूपी एसटीएफ के मुताबिक कुख्यात असलहा तस्कर गोविंद साव से समर बहादुर सिंह उर्फ मोनू 15 हजार रुपये में पिस्टल मंगाकर 50 हजार रुपये में बेचता था। गोविंद साव तस्करों के माध्यम से समर बहादुर सिंह उर्फ मोनू तक असलहा पहुंचाता था। गोविंद साव असलहा पहुंचाने वाले व्यक्ति को प्रति चक्कर लगभग 3 हजार रुपये देता था। गिरफ्तार आरोपी भोला कुमार साव जनपद मुंगेर का रहने वाला है, जो गोविंद साव के लिए काम करता है। इस काम के एवज में 3 हजार रुपये प्रति चक्कर देता था।
गोविंद साव ने भोला साव को समर बहादुर सिंह उर्फ मोनू को पिस्टल देने के लिए भेजा था। एसटीएफ के अनुसार गोविंद साव की भी गिरफ्तारी होगी। एसटीएफ वाराणसी यूनिट के अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार दोनों तस्करों के व्हाट्सएप को भी खंगाला जा रहा है। अब तक कितने लोगों को असलहा बेचे गए और कितने लोग इन दोनों के संपर्क में है। सभी की कुंडली खंगाली जा रही है।